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प्रीति हत्याकांड : दोषी की उम्रकैद की सजा बरकरार
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प्रतीकात्मक तस्वीर
नैनीताल। हाईकोर्ट ने लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के बहुचर्चित प्रीति हत्याकांड के दोषी की उम्रकैद की सजा को बरकार रखा है। न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार 2008 में मोटाहल्दू में अपने फूफा रमेश चंद्र दुर्गापाल के यहां रहने वाली ग्राम दियारी, कोश्याकुटौली निवासी 24 वर्षीय प्रीति शर्मा भोटियापड़ाव में कंप्यूटर इंस्टीट्यूट में जॉब करती थी। 19 नवंबर 2008 को इंस्टीट्यूट से निकली प्रीति घर नहीं पहुंचीं। खोजबीन करने पर दूसरे दिन घर के समीप गन्ने के खेत में उसका शव मिला था।
हत्याकांड के बाद गुस्साए लालकुआं एवं हल्द्वानी क्षेत्र के लोगों ने करीब माहभर तक धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने मोटाहल्दू निवासी भाष्कर जोशी को गिरफ्तार किया। अपर सत्र न्यायाधीश हल्द्वानी की कोर्ट ने भाष्कर जोशी को धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। निचली कोर्ट के इस आदेश को अभियुक्त ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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मामले के अनुसार 2008 में मोटाहल्दू में अपने फूफा रमेश चंद्र दुर्गापाल के यहां रहने वाली ग्राम दियारी, कोश्याकुटौली निवासी 24 वर्षीय प्रीति शर्मा भोटियापड़ाव में कंप्यूटर इंस्टीट्यूट में जॉब करती थी। 19 नवंबर 2008 को इंस्टीट्यूट से निकली प्रीति घर नहीं पहुंचीं। खोजबीन करने पर दूसरे दिन घर के समीप गन्ने के खेत में उसका शव मिला था।
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हत्याकांड के बाद गुस्साए लालकुआं एवं हल्द्वानी क्षेत्र के लोगों ने करीब माहभर तक धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने मोटाहल्दू निवासी भाष्कर जोशी को गिरफ्तार किया। अपर सत्र न्यायाधीश हल्द्वानी की कोर्ट ने भाष्कर जोशी को धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। निचली कोर्ट के इस आदेश को अभियुक्त ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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