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खराब पांडुलिपियों का संरक्षण बेहद जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
Updated Fri, 03 Feb 2017 01:05 AM IST
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खराब पांडुलिपियों का संरक्षण बेहद जरूरी
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत नैनीताल में हिमालयन सोसाइटी फॉर हैरिटेज एंड आर्ट कनजरवेशन (हिमशाको) के सहयोग से बृहस्पतिवार से एक माह का पांडुलिपि संरक्षण कार्यशाला शुरु हो गई है।
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कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए हिमशाको के निदेशक अनुपम शाह ने कहा कि बेकार पड़ी हुई पांडुलिपियों का संरक्षण किया जाना बेहद जरूरी है। कहा कि इस तरह से कार्यशालाओं के आयोजन से पांडुलिपि के संरक्षण व संवर्धन में भी काफी मदद मिल सकेगी।
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शाह ने कहा कि नैनीताल में तीन वर्षों से लगातार पांडुलिपि संरक्षण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला का मकसद प्रशिक्षणार्थियों को खराब पड़ी हुई पांडुलिपियों को संरक्षित करने की प्रयोगात्मक जानकारी देना ही नहीं, बल्कि इसका और अधिक प्रचार-प्रसार करना भी है।
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उन्होंने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों को पांडुलिपियों के वैज्ञानिक अध्ययन के बारे में भी बताया जाएगा। फिलहाल कार्यशाला में जो भी 20 प्रशिक्षणार्थी विभिन्न राज्यों के संस्थानों से आए हैं वह भी अपने साथ क्षतिग्रस्त पांडुलिपियों को लाए हैं इसके साथ ही देवप्रयाग नक्षत्रशाला से भी खराब पांडुलिपियां आई हैं उन्हें संरक्षित किया जाएगा।
कार्यशाला में प्रशिक्षणार्थियों को उनके अलावा प्रशिक्षक ललित पाठक व सहायक संरक्षण नरेश कुमार प्रशिक्षण देंगे। कार्यशाला में विनोद कुमार, शालिनी, नीदा, जिसु, हेमराज, आयुषमान जोशी, सोनी सक्सेना, सोनी बिष्ट आदि थे।