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गरीब आवास योजना में घोटाला
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
Updated Wed, 03 Jun 2015 01:43 AM IST
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भ्रष्टाचार के लिए अक्सर सुर्खियों में रहने वाले नगर निगम में एक और सनसनीखेज घोटाला उजागर हुआ है। निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आईएचएसडीपी योजना में ही गोलमाल कर दिया। गरीब आवास निर्माण के लिए अपात्र व्यक्ति को सवा दो लाख रुपये जारी कर दिए। आरटीआई में इस गोलमाल के खुलासे के बाद निगम अफसरों ने आवंटित राशि की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया है।
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आईएचएसडीपी योजना में गरीब परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए सवा दो लाख रुपये की राशि दी जाती है। योजना केंद्र सरकार की है और शहरी क्षेत्र में ही यह लागू है। योजना का लाभ लेने के लिए कई औपचारिकताएं हैं, जिसमें लाभार्थियों के आवेदन के बाद सर्वे होता है। नगर निगम की टीम स्थलीय निरीक्षण भी करती है। लाभार्थी का चयन होने के बाद भवन निर्माण के लिए अलग-अलग किश्तों में राशि आवंटित होती है। राशि आवंटन के वक्त भी निगम के सहायक अभियंता स्थलीय निरीक्षण करते हैं।
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योजना में जटिल औपचारिकताएं और कड़े नियम शर्तों के बाद भी गोलमाल के खुलासे से नगर निगम के अधिकारियों में खलबली मची है। मोहम्मदी चौक निवासी जियाउद्दीन कुरैशी की आरटीआई में इस घोटाले से पर्दा उठा है। जियाउद्दीन कुरैशी के मुताबिक वार्ड 14 निवासी नसीर अहमद ने फर्जी तरीके से मकान निर्माण के लिए सवा दो लाख रुपये हड़प लिए।
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नगर निगम के उप नगर अधिकारी और सहायक अभियंता ने राशि आवंटन में गलती स्वीकारी है। दोनों ही अधिकारियों के मुताबिक नसीर अहमद ने निगम को गुमराह किया। गलत स्थल और दूसरे व्यक्ति का निर्माण कार्य दिखाकर योजना में राशि ली है। जांच में इसकी पुष्टि हो चुकी है और राशि की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया है।
इनसेट
मेयर और डीएम से लिखित शिकायत
जियाउद्दीन कुरैशी ने गरीब आवास योजना में गोलमाल के खुलासे के बाद मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला और डीएम दीपक रावत से लिखित शिकायत कर दोषी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जियाउद्दीन कुरैशी ने कहा कि योजना की समीक्षा कर चयनित लाभार्थियों की जांच कराई जाए।
कोट
अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ देने की जानकारी मिली है। अपात्र व्यक्ति से राशि की रिकवरी कराने के साथ ही इसकी जांच भी कराई जाएगी कि आखिर अपात्र व्यक्ति का चयन कैसे हुआ।
- डा. जोगेंद्र रौतेला, मेयर