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National Games: डाइविंग में प्लंबर के बेटे ने सोना तो ड्राइवर के बेटे ने जीती चांदी

Sat, 01 Feb 2025 02:13 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 01 Feb 2025 02:13 PM IST
सार

गौलापार स्थित डाइविंग पूल में शुक्रवार को पुरुष वर्ग में 3 मीटर स्प्रिंग बोर्ड की प्रतियोगिता हुई। इसमें 14 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस दौरान सर्विसेज टीम के सुराजीत राजबंशी ने स्वर्ण पदक पाया। इसी टीम के हेमाम लंदन सिंह ने रजत पदक जीता। 

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Plumber son won gold in diving while driver son won silver in 38th national games
38th national games - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डाइविंग खेल में शुक्रवार को गुदड़ी के लालों ने स्वर्ण और रजत पदक पर कब्जा किया। सर्विसेज टीम के सुराजीत राजबंशी ने स्वर्ण और हेमाम लंदन सिंह ने रजत पदक जीता। सुराजीत के पिता प्लंबर और लंदन सिंह के पिता चालक हैं।

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गौलापार स्थित डाइविंग पूल में शुक्रवार को पुरुष वर्ग में 3 मीटर स्प्रिंग बोर्ड की प्रतियोगिता हुई। इसमें 14 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस दौरान सर्विसेज टीम के सुराजीत राजबंशी ने 330.10 स्कोर के साथ स्वर्ण पदक पाया। इसी टीम के हेमाम लंदन सिंह ने 297.80 स्कोर के साथ रजत पदक जीता। तमिलनाडु के अभिशेक यू ने 256.90 स्कोर कर कांस्य पदक अपने नाम किया। रजत पदक विजेता हेमाम लंदन सिंह मूल रूप से मणिपुर के इंफाल वेस्ट के निवासी हैं। इनके पिता एक ट्रांसपोर्ट में चालक का कार्य करते हैं। इससे पहले लंदन सिंह ने गोवा नेशनल गेम्स में दो पदक, सीनियर नेशनल में एक पदक जीता था।

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लंदन ने नौ साल की उम्र से तैराकी शुरू की थी। बताया कि वह भाई के साथ तैराकी सीखने जाते थे। जूनियर कैटेगरी में खेलने के बाद वर्ष 2011 में आर्मी स्पोर्ट्स कंपनी एंड इंस्टीट्यूट में स्पोर्ट्स कैडेट के रूप में रहे। साल 2018 में आर्मी ज्वाइन की। तब से सर्विसेज टीम की तरफ से प्रतिभाग कर रहे हैं। लंदन ने बताया कि सीनियर खिलाड़ियों की लाइफस्टाइल देखकर वह आकर्षित होते थे। इससे उन्हें मेहनत करने की प्रेरणा मिलती थी।

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केवल फिटनेस के लिए शुरू की थी तैराकी
स्वर्ण पदक विजेता 26 वर्षीय सुराजीत मूल कोलकाता निवासी हैं। इनके पिता प्लंबर का कार्य करते हैं। इसी साल सुराजीत ने 12वीं की पढ़ाई पूरी की है। 10 साल की उम्र में ही सुराजीत ने फिटनेस के लिए तैराकी सीखना शुरू किया। इसके बाद सुराजीत को तैराकी में रुचि जग गई। साल 2017 में सेना से जुड़े। तब से वह सेना के लिए खेल रहे हैं। सुराजीत ने वर्ष 2022 में सीनियर नेशनल में स्वर्ण और गोवा नेशनल गेम्स में रजत जीता था। सुराजीत ने बताया कि अब वह एशियन गेम्स और काॅमनवेल्थ की तैयार कर रहे हैं।

पापा घूमने के शौकीन तो बच्चो के नाम रखे लंदन और इंग्लैंड
हेमाम लंदन सिंह के पिता को घूमने का काफी शौक है। इनके दो बेटे हुए। अपने शौक की वजह से इन्होंने अपने बड़े बेटे का नाम इग्लैंड सिंह और छोटे बेटे का नाम लंदन सिंह रखा। बड़ा बेटा भी आर्मी की तरफ से डाइविंग खेलता था, लेकिन बेहतर प्रदर्शन न करने से अब वह आर्मी में अपनी ड्यूटी पर हैं।

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