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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Place the victim pulls over

शिकार की जगह को लेकर खींचतान 

Thu, 17 Mar 2016 01:03 PM IST
ब्यूरो/नैनीताल।
ब्यूरो/नैनीताल। Updated Thu, 17 Mar 2016 01:03 PM IST
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शिकार हुए बाघ कार्बेट पार्क के थे, यह बात कार्बेट डायरेक्टर मान चुके हैं। लेकिन, अभी तक यह बात सामने नहीं आई है कि बाघों का शिकार कहां पर हुआ है? इसी सवाल के जवाब पर वन विभाग के अफसरों की सांस अटकी हुई है। शिकार की जगह का पता चलने पर किरकिरी होना तय है। ऐसे में चर्चा उड़ी हुई है कि शिकार स्थल को ‘दूसरी सीमा’ में बता दिया जाए। 

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14 दिसंबर 2013 में कार्बेट पार्क सीमा से सटे यूपी के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व इलाके में दो बाघों को मार गिराया गया था। यूपी पुलिस की सूचना के बाद कार्बेट पार्क की टीम ने ऑपरेशन चलाया था। इसमें 10 से ज्यादा शिकारी हत्थे चढ़े थे। तब कार्बेट पार्क के अधिकारियों ने राहत की सांस ली थी कि मामला यूपी के अमानगढ़ का था। 
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अब फिर पांच बाघ मारे गए हैं, इनकी जगह को लेकर फिर अंदरखाने खींचतान मची हुई है। शिकारी हत्थे चढ़ चुका है, खाल बरामद हो चुकी है। जहां पर बाघ की खाल दबाई गई थी, वह भी पता है। लेकिन ‘बाघ कहां पर मारा गया है, उसका पता नहीं चला’ है, ऐसा दावा किया जा रहा है। ऐसे में शिकार को ‘दूसरी जगह दिखाए जाने’ को लेकर भी चर्चा उड़ी हुई है, जिससे सम्मान की बचत की जा सके। अब शिकारी के रिमांड पर लेने के बाद ही स्थिति साफ होने की संभावना अधिकारी लगा रहे हैं।
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स्थिति यह है कि जो शिकारी फरार है, उनके फोटोग्राफ, डिटेल आदि तक भी जंगलात के अफसरों के पास नहीं है। ऐसे में उनको पकड़ना भी एक चुनौती बना हुआ है। सर्विलांस पर ही ज्यादा भरोसा किया जा रहा है। इधर, कार्बेट पार्क निदेशक समीर सिन्हा का कहना है कि शिकार हुए पांच में से चार बाघ हमारे यहां की दक्षिण सीमा पर कैमरा ट्रैप के माध्यम से रिपोर्ट हुए थे, इसे स्वीकार किया गया है।


कोई भी चीज छिपाने की कोशिश नहीं की गई है। निष्पक्ष तरीके से जांच हो रही है, जो भी तथ्य सामने आएगा, पारदर्शिता रखते हुए कार्रवाई की जाएगी। 

यूपी के सहयोग से रोकेंगे वन्यजीव तस्करी 
रामनगर। पार्क के निदेशक समीर सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही यूपी के सीएम और अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर दोनों राज्य की सीमाओं पर हो रहे वन्यजीव तस्करी को रोकने पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स को मंजूरी तो मिल गई है, लेकिन जब तक यह धरातल में न आ जाए तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के लिए 100 लोगों की भर्ती जल्द कर दी जाएगी, ताकि पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था हो सके। 

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