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Nainital News: प्राथमिकता में कभी नहीं रहा पीरूमदारा पीएचसी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 19 May 2025 12:41 AM IST
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Pirumdara PHC was never a priority
शंकर पांडे
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पीरूमदारा। यहां स्थानीय लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कोई मायने नहीं रह जाते हैं। एक मात्र ऐलोपैथिक डॉक्टर के यहां से जाने के बाद मरीज आयुष विभाग के हवाले हैं। उस पर भी दो बजे ओपीडी खत्म होने के बाद यहां ताला लग जाता है। ऐसे में इमरजेंसी होने पर यहां मरीजों का भगवान ही मालिक है। लोगों ने यहां इमरजेंसी सेवाएं तत्काल शुरू करने की मांग रखी है, ताकि लोगों को आपातकाल में उपचार मिल सके।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीरूमदारा 20 हजार की आबादी वाले क्षेत्र का अकेला पीएचसी है। यहां तैनात एक मात्र डॉक्टर का एक माह पहले तबादला हो चुका है। सेंटर में फार्मासिस्ट के अलावा स्टॉफ नर्स सेंटर में तैनात है। क्षेत्र के ग्रामीणों को दोपहर बाद पीएचसी सेंटर में इलाज नहीं मिलता है, क्योंकि दोपहर दो बजे बाद रोजाना पीएचसी सेंटर के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया जाता है। संवाद
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कई गांवों के ग्रामीणों का होता है इलाज
पीरूमदारा क्षेत्र में करीब 30 से अधिक गांव है। करैलपुरी, उमेदपुरी, धनपुर गुसाई, दूल्हेपुरी, थारी, कंदला, बसई, हाथीडंगर, उदयपुरी, टांडा मल्लू, गुमानपुर, भवानीपुर सहित आदि गांव के ग्रामीण पीएचसी में उपचार कराने पहुंचते है। दोपहर बाद पीएचसी सेंटर बंद होने पर उन्हें वापस लौटना पड़ता है।
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पीएचसी में यह है स्टाफ
पीएचसी पीरूमदारा में ऐलोपैथिक डॉक्टर नहीं है। यहां पर आयुष के डॉ. परीक्षित रावत, डॉ. आरबीएस तोमर, आयुष की फार्मासिस्ट मधु नेगी, ऐलोपैथिक स्टॉफ में एएनएम शिखा भट्ट, अनिल खुल्बे, फार्मासिस्ट ममता शर्मा, नर्सिंग ऑफिसर रेखा पंत, कंचन नेगी, बीना राजपूत, निधि बिष्ट हैं।
क्या बोले ग्रामीण
रात में यदि कोई घटना होती है, तो पीएचसी सेंटर में कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में यहां पर डॉक्टरों की तैनाती की जानी चाहिए और यहां इमरजेंसी सुविधा देनी चाहिए। - प्रेम सिंह, ग्रामीण

दोपहर बाद अस्पताल बंद ही रहता है। यहां स्टाफ की तैनाती के साथ आपातकाल शुरू किया जाना चाहिए। - राजेंद्र रावत, ग्रामीण

यहां इलाज नहीं मिलता, ऐसे में रामनगर या काशीपुर जाना मजबूरी है। रात में कोई समस्या हो जाती है, तब निजी अस्पतालों की ओर जाना पड़ता है। - मोहन रावत, ग्रामीण

कोट
पीएचसी सेंटर में एलोपैथिक के एक डॉक्टर थे, जिनका तबादला हो चुका है। दोपहर बाद मरीज की कॉल पर डॉक्टर उपलब्ध हो जाते हैं। मरीज को देखने का समय सुबह नौ बजे से दो बजे तक होता है। - डॉ. दिनेश चंद्र कोहली, चिकित्साधीक्षक
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