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उत्तराखंड हाईकोर्ट: स्कूल में चकबंदी कार्यालय मामले में याचिका निस्तारित, रेवेन्यू सचिव को तीन माह में निर्णय
Wed, 28 Oct 2026 10:04 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: Heera
Updated Wed, 28 Oct 2026 10:04 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने हरिद्वार के बीएसएम इंटर कॉलेज में चकबंदी कार्यालय खोलने के मामले में जनहित याचिका निस्तारित की; याचिकाकर्ता को दो सप्ताह में रेवेन्यू सचिव को प्रत्यावेदन देने और सचिव को तीन माह में विधि अनुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने हरिद्वार के भगवानपुर मालवीय चौक के अगतर्गत संचालित बीएसएम इंटर कालेज के अंदर चकबंदी कार्यालय खोले जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद याचिका को निस्तारित करते हुए याचिकाकर्ता से कहा है कि वे इस संबंध में सचिव रेवेन्यू को दो सप्ताह के भीतर अपना प्रत्यावेदन देने और रेवेन्यू सचिव को उस प्रत्यावेदन पर तीन माह के भीतर विधि अनुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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मामले के अनुसार बहादरपुर जट भगवानपुर जिला हरिद्वार निवासी संगम ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि भगवानपुर के मालवीय चौक के अंतर्गत बीएसएम इंटर कालेज स्थित है. जिसके अंदर चकबंदीकर्ता बंगाल सिंह, चकबंदीकर्ता धर्मेंद्र और कालेज के प्रबंध समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की मिली भगत से कालेज में चकबंदी कार्यालय खोला गया है जिसकी वजह से कालेज का पठन पाठन का कार्य प्रभावित हो रहा है। याचिका में कहा कि चकबंदी कार्यालय यहां खोले जाने के कारण किसानों के तहसील से संबंधित कार्य नही हो पर रहे है क्योकि इनके द्वारा तहसील से उनकी सारी फाइलें यहां रख दी गई है जिसकी आड़ में ये किसानों से कार्य करने हेतु दोगुना पैसा ले रहे हैं।
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याचिका में कहा कि इस संबंध में उनके द्वारा उच्चाधिकारियों को शिकायत की गई लेकिन उस पर कोई निर्णय नही लिया गया। जनहित याचिका में उनके द्वारा कोर्ट से प्रार्थना की गई कि इस मामले कि उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और कालेज से चकबंदी कार्यालय को हटाया जाए ताकि कालेज में पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई में कोई व्यवधान उत्पन्न ना हो।
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