{"_id":"63289eabb7d52c126372b8c8","slug":"petition-dismissed-government-order-correct-haldwani-news-hld4761894148","type":"story","status":"publish","title_hn":"याचिका खारिज, सरकार का आदेश सही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
याचिका खारिज, सरकार का आदेश सही
विज्ञापन
नैनीताल। हाईकोर्ट ने सरकार के 22 फरवरी 2022 के आदेश को सही करार देते हुए याचिकाकर्ता हरिद्वार निवासी शाजिद अली की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता का नाम मंडावर जिला हरिद्वार के निर्वाचन सूची में ही रहेगा।
न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी शाजिद अली ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के 22 फरवरी 2022 के आदेश को चुनौती दी थी। सरकार ने आदेश पारित कर कहा था कि ग्राम पंचायत मंडावर की सीमा के अंतर्गत बसाए गए चौली शहाबुद्दीनपुर के बाढ़ प्रभावित लोग ग्राम पंचायत मंडावर के निवासी हैं और यहीं की निर्वाचन नामावली में नाम लिखाने के हकदार हैं। तथ्यों के दृष्टिगत ग्राम पंचायत मंडावर की सीमा के अंतर्गत बसाए गए चौली शहाबुद्दीनपुर के मतदाताओं को ग्राम पंचायत चौली शहाबुद्दीनपुर की निर्वाचक नियमावली से हटाकर ग्राम पंचायत मंडावर की निर्वाचन नियमावली में शामिल किया जाना नियमों के तहत है। याचिकाकर्ता ने इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत चौली शहाबुददीनपुर में 1960 में बाढ आई थी जिसके बाद सरकार ने 36 बीघा भूमि मंडावर हरिद्वार में अधिग्रहित की और वहां बाढ़ प्रभावितों को बसाया था। तब से याचिकाकर्ता मंडावर में निवासी कर रहे हैं। याचिका में कहा कि उन्हें चौली शहाबुददीनपुर ग्राम पंचायत में रहने दिया जाए, क्योंकि उनके पूर्वज वर्षों से यहीं निवासी करते आए हैं। याचिका में कहा कि सरकार का यह आदेश पंचायत राज एक्ट 2016 के विरुद्ध है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी शाजिद अली ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के 22 फरवरी 2022 के आदेश को चुनौती दी थी। सरकार ने आदेश पारित कर कहा था कि ग्राम पंचायत मंडावर की सीमा के अंतर्गत बसाए गए चौली शहाबुद्दीनपुर के बाढ़ प्रभावित लोग ग्राम पंचायत मंडावर के निवासी हैं और यहीं की निर्वाचन नामावली में नाम लिखाने के हकदार हैं। तथ्यों के दृष्टिगत ग्राम पंचायत मंडावर की सीमा के अंतर्गत बसाए गए चौली शहाबुद्दीनपुर के मतदाताओं को ग्राम पंचायत चौली शहाबुद्दीनपुर की निर्वाचक नियमावली से हटाकर ग्राम पंचायत मंडावर की निर्वाचन नियमावली में शामिल किया जाना नियमों के तहत है। याचिकाकर्ता ने इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत चौली शहाबुददीनपुर में 1960 में बाढ आई थी जिसके बाद सरकार ने 36 बीघा भूमि मंडावर हरिद्वार में अधिग्रहित की और वहां बाढ़ प्रभावितों को बसाया था। तब से याचिकाकर्ता मंडावर में निवासी कर रहे हैं। याचिका में कहा कि उन्हें चौली शहाबुददीनपुर ग्राम पंचायत में रहने दिया जाए, क्योंकि उनके पूर्वज वर्षों से यहीं निवासी करते आए हैं। याचिका में कहा कि सरकार का यह आदेश पंचायत राज एक्ट 2016 के विरुद्ध है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन