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Nainital News: सिरौलीकलां को पालिका का दर्जा दिलाने के लिए सड़कों पर उतरे लोग
Tue, 17 Feb 2026 12:47 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 17 Feb 2026 12:47 AM IST
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किच्छा। सिरौलीकलां को नगरपालिका का दर्जा देने की मांग के लिए भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की अगुवाई में लोग सड़क पर उतर आए। उन्होंने नई मंडी से एसडीएम कार्यालय तक जुलूस निकाला और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम गौरव पांडे को सौंपा। इसमें मांग की गई कि सिरौलीकलां को किच्छा से अलग रखकर चुनाव कराए जाएं।
सोमवार सुबह सिरौलीकलां के लोगों ने किच्छा नगरपालिका से सिरौलीकलां को अलग करने और दोनों पर चुनाव कराने की मांग करते हुए नारेबाजी की। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उनके अनुरोध पर सिरौलीकलां को किच्छा से अलग कर नगर पालिका का दर्जा दिया। इसके बावजूद मुसलमानों को अपना वोट बैंक समझने वाली कांग्रेस पार्टी को यह रास नहीं आया।
उन्होंने किच्छा नगर पालिका का चुनाव सिरौलीकलां के वोटों के सहारे जीतने के लिए अलग पालिका बनाने का विरोध करते हुए उच्च न्यायालय में विधायक तिलक राज बेहड़ के खासमखास लोगों ने रिट डालकर चुनाव उलझा दिया।
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उन्होंने कहा कि एक वर्ष से किच्छा और करीब छह वर्षों से सिरौलीकलां का मामला कोर्ट में उलझने से इन दोनों क्षेत्रों का विकास बाधित हो रहा है। करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं से क्षेत्र वंचित है। इसकी जिम्मेदार कांग्रेस है। उनके नेताओं में सिरौलीकलां के बिना किच्छा में चुनाव लड़ने का साहस नहीं है। वे सिरौलीकलां को अलग नगर पालिका का दर्जा मिलने पर दुखी हैं। कहा उन्हें सिरौली का विकास नहीं सिर्फ वोट चाहिए।
पूर्व प्रधान नासिर हुसैन ने कहा कि जब सिरौलीकलां किच्छा नगर पालिका का हिस्सा था तो इस क्षेत्र की उपेक्षा हुई। तत्कालीन विधायक राजेश शुक्ला के प्रयासों से जब प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिरौली को अलग नगर पालिका का दर्जा दिया तो उम्मीद थी कि अब सिरौलीकलां के दिन बहुरेंगे।
कांग्रेस नेताओं की जिद के चलते यह मामला उच्च न्यायालय में लटका है जिससे सिरौली कला का नुकसान हो रहा है। आने वाले नगर पालिका चुनाव व विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
विरोध प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष गोल्डी गराया, संजीव खन्ना, बाबू अल्वी, यासीन, इस्लाम शाह, अयूब अली, शाकिर अली, गफ्फार खान, हारुन मलिक, रामफूल आदि शामिल रहे।
सिरौलीकलां का क्षेत्रफल 418.89 हेक्टेयर और आबादी 2011 में 13,725
नगरपालिका से मिली जानकारी के अनुसार साल 2011 में हुई जनगणना के अनुसार सिरौलीकलां की आबादी 13,725 थी जो इस समय बढ़ गई होगी। इसका क्षेत्रफल 418.892 हेक्टेयर है। साल 2018 में हुए चुनावों में यहां पर लगभग 9000 मतदाता और आबादी करीब 14,000 थीं। यहां से नगरपालिका में तीन सभासद चुनकर आए थे। साल 2021 के अंतिम दिनों में सिरौलीकलां को सरकार ने नगर पंचायत घोषित कर दिया था। इस मामले को लेकर सिरौलीकलां के कुछ लोगों ने अदालत में यह कहकर शरण ली कि सिरौलीकलां को किच्छा नगरपालिका में ही रहने दिया जाए। संवाद
भाजपा पर जनता को बरगलाने का आरोप
भारतीय राहुल गांधी ब्रिगेड के पूर्व प्रदेश सचिव भूपेंद्र कुमार उर्फ बंटी पपनेजा ने कहा है कि भाजपा सरकार जनता को बरगलाने का काम कर रही है। नगर पालिका में सिरौलीकलां को शामिल करके नगर पालिका चुनाव कराया गया था जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी विजय हुए थे। जिन्होंने विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया था। नगर पालिका चुनाव में मिली हार को देखकर भाजपा बौखला गई है और भाजपा ने सिरौलीकलां को अलग करने का षड्यंत्र रचा। इसके कारण नगर पालिका का चुनाव नहीं हो पाया। नगर पालिकाध्यक्ष न हो पाने के कारण क्षेत्र का विकास प्रभावित हुआ। भाजपा सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं था। वह अपनी हठधर्मिता पर अड़ी रही। भाजपा सरकार ने प्रशासन की आड़ में एक वर्ग विशेष को भू स्वामित्व का भय दिखाकर उनको डराने का काम किया। कहा कि किच्छा नगर पालिका में सिरौलीकलां समेत देवरिया, बंडिया, आजाद नगर समेत कई गांवों को सम्मिलित किया गया था लेकिन भाजपा सरकार ने सिरौलीकलां को ही अलग कर दिया। यदि सिरौलीकलां नगर पालिका बन सकती है तो भाजपा को बंडिया, देवरिया आजाद नगर समेत सभी को नगर पालिका का दर्जा देना चाहिए। संवाद
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पूर्व विधायक का रोड शो फ्लॉप : बेहड़
रुद्रपुर। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के रोड शो को फ्लॉप करार दिया है। बेहड़ ने पूर्व विधायक व भाजपा पर तुष्टीकरण कर छल व फरेब से जनता का वोट पाने का आरोप लगाया। कहा कि पूर्व विधायक सिरौलीकलां में अपने रोड शो में 500 लोग भी नहीं जुटा सके।
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सोमवार सुबह सिरौलीकलां के लोगों ने किच्छा नगरपालिका से सिरौलीकलां को अलग करने और दोनों पर चुनाव कराने की मांग करते हुए नारेबाजी की। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उनके अनुरोध पर सिरौलीकलां को किच्छा से अलग कर नगर पालिका का दर्जा दिया। इसके बावजूद मुसलमानों को अपना वोट बैंक समझने वाली कांग्रेस पार्टी को यह रास नहीं आया।
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उन्होंने किच्छा नगर पालिका का चुनाव सिरौलीकलां के वोटों के सहारे जीतने के लिए अलग पालिका बनाने का विरोध करते हुए उच्च न्यायालय में विधायक तिलक राज बेहड़ के खासमखास लोगों ने रिट डालकर चुनाव उलझा दिया।
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उन्होंने कहा कि एक वर्ष से किच्छा और करीब छह वर्षों से सिरौलीकलां का मामला कोर्ट में उलझने से इन दोनों क्षेत्रों का विकास बाधित हो रहा है। करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं से क्षेत्र वंचित है। इसकी जिम्मेदार कांग्रेस है। उनके नेताओं में सिरौलीकलां के बिना किच्छा में चुनाव लड़ने का साहस नहीं है। वे सिरौलीकलां को अलग नगर पालिका का दर्जा मिलने पर दुखी हैं। कहा उन्हें सिरौली का विकास नहीं सिर्फ वोट चाहिए।
पूर्व प्रधान नासिर हुसैन ने कहा कि जब सिरौलीकलां किच्छा नगर पालिका का हिस्सा था तो इस क्षेत्र की उपेक्षा हुई। तत्कालीन विधायक राजेश शुक्ला के प्रयासों से जब प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिरौली को अलग नगर पालिका का दर्जा दिया तो उम्मीद थी कि अब सिरौलीकलां के दिन बहुरेंगे।
कांग्रेस नेताओं की जिद के चलते यह मामला उच्च न्यायालय में लटका है जिससे सिरौली कला का नुकसान हो रहा है। आने वाले नगर पालिका चुनाव व विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
विरोध प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष गोल्डी गराया, संजीव खन्ना, बाबू अल्वी, यासीन, इस्लाम शाह, अयूब अली, शाकिर अली, गफ्फार खान, हारुन मलिक, रामफूल आदि शामिल रहे।
सिरौलीकलां का क्षेत्रफल 418.89 हेक्टेयर और आबादी 2011 में 13,725
नगरपालिका से मिली जानकारी के अनुसार साल 2011 में हुई जनगणना के अनुसार सिरौलीकलां की आबादी 13,725 थी जो इस समय बढ़ गई होगी। इसका क्षेत्रफल 418.892 हेक्टेयर है। साल 2018 में हुए चुनावों में यहां पर लगभग 9000 मतदाता और आबादी करीब 14,000 थीं। यहां से नगरपालिका में तीन सभासद चुनकर आए थे। साल 2021 के अंतिम दिनों में सिरौलीकलां को सरकार ने नगर पंचायत घोषित कर दिया था। इस मामले को लेकर सिरौलीकलां के कुछ लोगों ने अदालत में यह कहकर शरण ली कि सिरौलीकलां को किच्छा नगरपालिका में ही रहने दिया जाए। संवाद
भाजपा पर जनता को बरगलाने का आरोप
भारतीय राहुल गांधी ब्रिगेड के पूर्व प्रदेश सचिव भूपेंद्र कुमार उर्फ बंटी पपनेजा ने कहा है कि भाजपा सरकार जनता को बरगलाने का काम कर रही है। नगर पालिका में सिरौलीकलां को शामिल करके नगर पालिका चुनाव कराया गया था जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी विजय हुए थे। जिन्होंने विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया था। नगर पालिका चुनाव में मिली हार को देखकर भाजपा बौखला गई है और भाजपा ने सिरौलीकलां को अलग करने का षड्यंत्र रचा। इसके कारण नगर पालिका का चुनाव नहीं हो पाया। नगर पालिकाध्यक्ष न हो पाने के कारण क्षेत्र का विकास प्रभावित हुआ। भाजपा सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं था। वह अपनी हठधर्मिता पर अड़ी रही। भाजपा सरकार ने प्रशासन की आड़ में एक वर्ग विशेष को भू स्वामित्व का भय दिखाकर उनको डराने का काम किया। कहा कि किच्छा नगर पालिका में सिरौलीकलां समेत देवरिया, बंडिया, आजाद नगर समेत कई गांवों को सम्मिलित किया गया था लेकिन भाजपा सरकार ने सिरौलीकलां को ही अलग कर दिया। यदि सिरौलीकलां नगर पालिका बन सकती है तो भाजपा को बंडिया, देवरिया आजाद नगर समेत सभी को नगर पालिका का दर्जा देना चाहिए। संवाद
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पूर्व विधायक का रोड शो फ्लॉप : बेहड़
रुद्रपुर। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के रोड शो को फ्लॉप करार दिया है। बेहड़ ने पूर्व विधायक व भाजपा पर तुष्टीकरण कर छल व फरेब से जनता का वोट पाने का आरोप लगाया। कहा कि पूर्व विधायक सिरौलीकलां में अपने रोड शो में 500 लोग भी नहीं जुटा सके।