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विभाग ने नहीं दिया ध्यान तो ग्रामीणों ने खुद साफ की नहर
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बागेश्वर में नहर की सफाई करते ग्राम पंचायत पलायन के लोग।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जब सरकारी डबल इंजन नहीं चला तो पलायन गांव के युवा और बुजुर्गों ने ख़ुद फावड़े, बेल्चे उठा लिये। उन्होंने वर्षों से बंद तीन किमी लंबी नबगड़ नहर साफ कर डाली।
ग्रामीण जनता इस नहर की मरम्मत करने के लिए कई सालों से शासन, प्रशासन के दरवाजे खटखटा रही थी। लघु डाल खंड की इस नहर से कहाली, नबगड़, रिठायत, दोफाड़ आदि गांवों में जमीन की सिंचाई होती है। ग्राम प्रधान भूपाल सिंह, सुरेश कालाकोटी, दीवान सिंह, जगदीश सिंह, उम्मेद सिंह, हिमांशु, नैन सिंह, विनोद सिंह, नंदन सिंह, चंदन सिंह, प्रेम सिंह आदि लोगों के सामूहिक प्रयासों से अब पानी खेतों तक पहुंच गया है।
पुंगर घाटी विकास मंच ने सरकार सहित जनप्रतिनिधियों के सौतेले व्यवहार की निंदा की है। वहीं लघु सिंचाई खंड के ईई नरेश कुमार ने बताया कि वह नहर बनाकर ग्राम प्रधान को हस्तांतरित कर देते हैं। इनका रखरखाव ग्राम सभा को ही करना होता है। हालांकि अधिक टूटफूट होने पर जिला योजना से बजट मांगना पड़ता है।
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ग्रामीण जनता इस नहर की मरम्मत करने के लिए कई सालों से शासन, प्रशासन के दरवाजे खटखटा रही थी। लघु डाल खंड की इस नहर से कहाली, नबगड़, रिठायत, दोफाड़ आदि गांवों में जमीन की सिंचाई होती है। ग्राम प्रधान भूपाल सिंह, सुरेश कालाकोटी, दीवान सिंह, जगदीश सिंह, उम्मेद सिंह, हिमांशु, नैन सिंह, विनोद सिंह, नंदन सिंह, चंदन सिंह, प्रेम सिंह आदि लोगों के सामूहिक प्रयासों से अब पानी खेतों तक पहुंच गया है।
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पुंगर घाटी विकास मंच ने सरकार सहित जनप्रतिनिधियों के सौतेले व्यवहार की निंदा की है। वहीं लघु सिंचाई खंड के ईई नरेश कुमार ने बताया कि वह नहर बनाकर ग्राम प्रधान को हस्तांतरित कर देते हैं। इनका रखरखाव ग्राम सभा को ही करना होता है। हालांकि अधिक टूटफूट होने पर जिला योजना से बजट मांगना पड़ता है।
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