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हल्द्वानी: कुत्ते को बचाने के चक्कर में स्कूटी फिसली, नर्सिंग छात्रा कंचन की मौत, परिजनों ने दान कीं आंखें
Thu, 17 Sep 2026 03:57 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
Published by: Heera
Updated Thu, 17 Sep 2026 03:57 PM IST
सार
14 सितंबर की रात कॉलेज से स्कूटी पर घर लौट रही कंचन पांडे कुत्ते को बचाने के प्रयास में स्कूटी फिसलने से घायल हो गईं। गंभीर रूप से घायल कंचन का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन 16 सितंबर की देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
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कंचन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
14 सितंबर की रात कॉलेज से स्कूटी पर घर लौट रही लामाचौड़ निवासी कंचन पांडे (21) कुत्ते को बचाने के प्रयास में स्कूटी फिसलने से घायल हो गईं। हादसा लामाचौड़ क्षेत्र में हुआ था। गंभीर रूप से घायल कंचन का मुखानी स्थित निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। 16 सितंबर की देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। कंचन निजी कॉलेज में बीएससी नर्सिंग तृतीय वर्ष की छात्रा थी और महिला अस्पताल में भी उसकी ड्यूटी लगी थी। परिजनों ने कंचन की आंखें एसटीएच अस्पताल के आई बैंक में दान की हैं।
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कंचन के परिवार में उनके पिता भगवती प्रसाद हैं जो शिक्षा विभाग में क्लर्क हैं। घर में वह अपने पिता और मां भावना पांडे के साथ रहती थीं। उनके बड़े भाई गौरव पांडे क्रूज पर कार्यरत हैं जो अक्सर बाहर रहते हैं। पुलिस के अनुसार 14 सितंबर की रात कंचन कॉलेज से घर लौट रही थीं। कमलुवागांजा मार्ग पर अचानक स्कूटी के सामने निराश्रित कुत्ता आ गया। उसे बचाने के लिए कंचन ने स्कूटी के ब्रेक लगाए और अनियंत्रित होकर स्कूटी फिसल गई। उनके सिर में बेहद गंभीर चोट आई। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायल को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां बुधवार देर रात उनकी मौत हो गई।
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हादसे के बाद छात्रा का इलाज चल रहा था लेकिन सिर में गहरी चोट होने की वजह से मौत की बात सामने आई है। परिजनों ने नेत्रदान का फैसला लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मनोज कुमार कत्याल, एसपी सिटी
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