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Nainital News: मंडी में औने-पौने दाम पर बिक रहा मटर, भड़के किसान
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रुद्रपुर। जिले की मंडी समितियों में और फ्रोजन प्लांटों में मटर की औने.पौने दामों में बिक्त्रस्ी और खुली बोली न लगने से नाराज किसान शुक्त्रस्वार को डीएम युगल किशोर पंत से मिले। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर मटर के उचित मूल्य दिलवाने की मांग की।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी और प्रदेश उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह ढिल्लो ने कहा कि जिले के रुद्रपुर, जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, सितारगंज व खटीमा में इस वर्ष करीब 3200 हेक्टेयर कृषि भूमि में मटर लगाई गई है।
इस बार मटर की खेती के दौरान कम बारिश होने से मटर का उत्पादन प्रभावित रहा। इसके बावजूद मंडी समितियों के आढ़ती और फ्रोजन प्लांट संचालक औने.पौने में मटर खरीद रहे हैं। कुछ किसानों का मटर सिर्फ 900 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा जा रहा है, जिस कारण उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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मंडी समितियों में मटर की खुली बोली तक नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने फ्रोजन प्लांटों को सब्सिडी देकर स्थापित करवाया हैए ताकि मटर का उचित मूल्य मिल सकेए लेकिन किसानों को इसका कोई लाभ नहीं हो रहा है। उन्होंने मनमानी करने वाले फ्रोजन प्लांट संचालकों का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की।
कोट
रुद्रपुर मंडी समिति में किसानों की मांग के हिसाब से मटर खुली बोली लग रही है। किसानों का मटर 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। दरअसल, जिस मटर का दाम कम मिल रहा है, उसकी गुणवत्ता सही नहीं है। - विश्व विजय सिंह देव, सचिव, रुद्रपुर मंडी समिति।
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संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी और प्रदेश उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह ढिल्लो ने कहा कि जिले के रुद्रपुर, जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, सितारगंज व खटीमा में इस वर्ष करीब 3200 हेक्टेयर कृषि भूमि में मटर लगाई गई है।
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इस बार मटर की खेती के दौरान कम बारिश होने से मटर का उत्पादन प्रभावित रहा। इसके बावजूद मंडी समितियों के आढ़ती और फ्रोजन प्लांट संचालक औने.पौने में मटर खरीद रहे हैं। कुछ किसानों का मटर सिर्फ 900 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा जा रहा है, जिस कारण उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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मंडी समितियों में मटर की खुली बोली तक नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने फ्रोजन प्लांटों को सब्सिडी देकर स्थापित करवाया हैए ताकि मटर का उचित मूल्य मिल सकेए लेकिन किसानों को इसका कोई लाभ नहीं हो रहा है। उन्होंने मनमानी करने वाले फ्रोजन प्लांट संचालकों का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की।
कोट
रुद्रपुर मंडी समिति में किसानों की मांग के हिसाब से मटर खुली बोली लग रही है। किसानों का मटर 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। दरअसल, जिस मटर का दाम कम मिल रहा है, उसकी गुणवत्ता सही नहीं है। - विश्व विजय सिंह देव, सचिव, रुद्रपुर मंडी समिति।