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कैंसर हुआ तो चार-पांच लोग ही हालचाल जानने आए
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Only four-five people came to know about the condition of cancer
- फोटो : NAINITAL
नैनीताल। हिमालयन इकोज संस्था की ओर से आयोजित कुमाऊं फेस्टिवल ऑफ लिटरेचर एंड आर्ट्स कार्यक्रम में पहुंचीं सिने अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने कहा कि कैंसर से जूझने के दौरान उन्होंने मौत को करीब से देखा है।
एक समय था जब वह भीड़ से घिरी रहती थीं लेकिन कैंसर के समय अस्पताल में चुनिंदा चार-पांच लोग ही हालचाल पूछने आते थे। कैंसर से जंग जीतने के बाद जिंदगी को लेकर उनका नजरियां बदला है। आज जिंदगी को लेकर एक नया जोश और उमंग है, जिसमें वह जिंदगी का हर लम्हा सुकून से जी रही हैं।
फिल्मों को लेकर मनीषा कोइराला ने कहा कि बदलते समय के साथ फिल्मों के हिट होने की परिभाषा भी बदल रही है। एक जमाना था जब फिल्मों में अभिनय और कहानी के आधार पर फिल्म हिट या फ्लाप होती थी, लेकिन आज फिल्म ने कितना कमाया और वह 100 करोड़ के क्लब में शामिल हुई कि नहीं यह मायने रखता है।
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एक समय था जब वह भीड़ से घिरी रहती थीं लेकिन कैंसर के समय अस्पताल में चुनिंदा चार-पांच लोग ही हालचाल पूछने आते थे। कैंसर से जंग जीतने के बाद जिंदगी को लेकर उनका नजरियां बदला है। आज जिंदगी को लेकर एक नया जोश और उमंग है, जिसमें वह जिंदगी का हर लम्हा सुकून से जी रही हैं।
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फिल्मों को लेकर मनीषा कोइराला ने कहा कि बदलते समय के साथ फिल्मों के हिट होने की परिभाषा भी बदल रही है। एक जमाना था जब फिल्मों में अभिनय और कहानी के आधार पर फिल्म हिट या फ्लाप होती थी, लेकिन आज फिल्म ने कितना कमाया और वह 100 करोड़ के क्लब में शामिल हुई कि नहीं यह मायने रखता है।
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