{"_id":"57d1a0d74f1c1b3d3b31a25b","slug":"nsui-candidate-for-election-screw-in","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएसयूआई प्रत्याशी के चुनाव लड़ने में पेच! ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनएसयूआई प्रत्याशी के चुनाव लड़ने में पेच!
राजीव शुक्ला
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:03 PM IST
विज्ञापन
एनएसयूआई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छात्रसंघ चुनाव की आहट के साथ ही एनएसयूआई के बागी प्रत्याशी ने भी अध्यक्ष पद को लेकर ताल ठोक दी है। वहीं, एनएसयूआई की ओर से घोषित प्रत्याशी हर्षित जोशी के चुनाव लड़ने में उनकी पढ़ाई पेच फंसा सकती है।
विज्ञापन
छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई की ओर से हर्षित जोशी को प्रत्याशी घोषित किया गया है। हर्षित एम.कॉम के छात्र हैं। सूत्रों के मुताबिक जोशी की एम.कॉम के तृतीय सेमेस्टर में बैक आई है।
विज्ञापन
छात्रसंघ चुनाव लड़ने के लिए कॉलेज का संस्थागत छात्र होने के साथ ही परीक्षा परिणाम में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही एक जुलाई 2016 तक अधिकतम आयु 25 वर्ष से कम होनी चाहिए। जोशी मैदान में तभी बने रह सकते हैं, जब कुमाऊं विश्वविद्यालय बैक पेपर करा ले और वे परीक्षा उत्तीर्ण कर लें।
विज्ञापन
परीक्षा उत्तीर्ण न होने की स्थिति में चुनाव लड़ने में पेच फंस सकता है। हालांकि, ये तो चुनाव की तिथि के साथ ही तय होगा कि जोशी का भविष्य क्या होगा। दूसरी ओर एएन अमन सुयाल भी एनएसयूआई से छात्रसंघ अध्यक्ष पद के दावेदार थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला।
टिकट कटने के साथ ही सुयाल बागी होकर मैदान में कूद गए हैं। बुधवार को सुयाल ने कॉलेज में जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया था। सुयाल समर्थकों ने वाणिज्य संकाय की छत पर बैनर भी लहराया था। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि अगर हर्षित के चुनाव में पेच फंसता है तो एनएसयूआई का अगला दांव क्या होगा।
चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद प्रक्रिया शुरू होती है। नामांकन के बाद चुनाव कमेटी स्क्रूटनी करती है। स्क्रूटनी में अगर परीक्षा परिणाम उत्तीर्ण नहीं होता है तो नामांकन रद्द कर दिया जाता है।
- डॉ. आरएस भाकुनी, चीफ प्रॉक्टर/चुनाव अधिकारी, एमबीपीजी कॉलेज।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के नियमों के तहत स्पेशल बैक पेपर कराया जाता है। स्पेशल बैक पेपर की तिथि 15 सितंबर के बाद घोषित हो सकती है। काफी छात्र बैक पेपर वाले हैं। बैक पेपर में उत्तीर्ण होने पर चुनाव लड़ने में कोई पेच नहीं फंसेगा।
- हर्षित जोशी, अध्यक्ष पद प्रत्याशी, एनएसयूआई, एमबीपीजी कॉलेज।