{"_id":"588908e04f1c1b380fcf4e62","slug":"now-durgapal-congress-harendra-independent","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब दुर्गापाल कांग्रेसी, हरेंद्र निर्दलीय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब दुर्गापाल कांग्रेसी, हरेंद्र निर्दलीय
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Thu, 26 Jan 2017 01:51 AM IST
विज्ञापन
राजनीति
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लालकुआं विधानसभा का गणित भी रोचक हो गया है। कांग्रेस में विद्रोह के बाद दुर्गापाल के आगे अपना दुर्ग बचाने की चुनौती है। यशपाल आर्य के भाजपा में जाने से हरेंद्र की मुश्किलें बढ़ गई है। 2012 के विधानसभा चुनाव में यशपाल आर्य ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए हरेंद्र बोरा को टिकट दिलवाया था।
विज्ञापन
दुर्गापाल निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में कूदे थे। इस बार दुर्गापाल कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव मैदान में हैं और हरेंद्र बोरा निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। दुर्गापाल 2012 में कांग्रेस को खरी-खोटी सुनाकर और भावनात्मक रूप से लोगों को अपने साथ जोड़कर चुनाव जीते थे।
विज्ञापन
दुर्गापाल को 25,189, भाजपा के नवीन दुम्का को 16,341 और कांग्रेस के हरेंद्र बोरा को 13,863 वोट मिले थे। बोरा को आर्य का खास माना जाता था। सूत्रों की मानें तो आर्य के पाला बदलने से बोरा को मुश्किल हो सकती है। कांग्रेस का काडर वोट इस बात को लेकर आशंकित है कि कहीं भविष्य में बोरा भी पाला न बदल लें।
विज्ञापन
फिलहाल बोरा के साथ कांग्रेस के कई नेता खड़े हैं। दूसरी ओर, दुर्गापाल ने पांच वर्षों तक मंत्री रहते हुए कांग्रेसियों की उपेक्षा की थी। साथ ही बिंदुखत्ता को नगर पालिका बनाने का मामला भी दुर्गापाल के गले की फांस बना था। दुर्गापाल और बोरा नामांकन के दौरान शक्ति प्रदर्शन कर ताकत दिखा चुके हैं। भाजपा से चुनाव में कूदे नवीन दुम्का पिछली बार भी बोरा से अधिक वोट लाए थे।