{"_id":"5780c9194f1c1be6567fbe0a","slug":"notice-to-principals","type":"story","status":"publish","title_hn":"26 हाईस्कूल एवं इंटर कालेज के प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
26 हाईस्कूल एवं इंटर कालेज के प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Sat, 09 Jul 2016 03:21 PM IST
विज्ञापन
उत्तराखंड बोर्ड रामनगर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में अच्छा रिजल्ट न देने वाले जिले के 26 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को शिक्षा विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके बाद विषय अध्यापकों से भी स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। इसमें जिन प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ वेतनवृद्धि रोकने तक की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मालूम हो कि उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा बोर्ड का हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट का रिजल्ट मई के अंत में घोषित हुआ था। इसमें जिले के कई स्कूलों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। बोर्ड कार्यालय से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा के रिजल्ट की प्रति मिलने के उपरांत शिक्षा अधिकारियों ने इसकी बोर्ड परीक्षाफल की समीक्षा शुरू कर दी है। इसमें विद्यालयवार रिजल्ट का प्रतिशत देखा गया है।
विज्ञापन
मुख्य शिक्षा अधिकारी आरएल आर्या ने बताया कि समीक्षा में पाया गया कि 21 हाईस्कूल ऐसे पाए गए, जिनका रिजल्ट 74 प्रतिशत से कम था, जबकि 5 इंटरमीडिएट कॉलेजों का 78 प्रतिशत से कम रिजल्ट रहा है। बोर्ड परीक्षा में अच्छा रिजल्ट न देने वाले 26 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी किया गया है तथा उनसे 15 दिन में जवाब मांगा गया है।
विज्ञापन
इसके साथ ही जिन विषयों के अध्यापकों का रिजल्ट बेहद खराब रहा है, उन्हें भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके उपरांत प्रधानाचार्यों और विषय अध्यापकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सीईओ ने बताया कि लापरवाही पाए जाने पर प्रधानाचार्यों और अध्यापकों के खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
हल्द्वानी। शिक्षा विभाग इस वर्ष को शैक्षिक गुणवत्ता वर्ष के रूप में मनाएगा। सीईओ आरएल आर्या ने बताया कि प्राइमरी से लेकर माध्यमिक स्कूलों तक के कमजोर बच्चों को मजबूत करने के लिए क्या-क्या उपचारात्मक शिक्षा दी गई।
बेहतर शिक्षण के लिए किए गए कार्यों के संबंध में शिक्षकों को एलएलए (लर्निंग लेबल असेसमेंट) का प्रमाणपत्र अपने प्रधानाचार्य को देना होगा। प्रधानाचार्य अपने बीईओ को तथा बीईओ सीईओ को प्रमाणपत्र देंगे तथा सीईओ अपना प्रमाणपत्र निदेशक को भेजेंगे।