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60 से अधिक डिग्री कालेजों में वेतन देने को पैसा ही नहीं
Updated Mon, 11 Jul 2016 11:25 PM IST
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उच्चशिक्षा विभाग को बजट कम मिलने की वजह से प्रदेश के 60 से अधिक डिग्री कालेजों में वेतन का संकट गहरा गया है। इन कालेजों के करीब 150 प्राध्यापकों, 400 गेस्ट फैकल्टी और 60 से अधिक कर्मचारियों को मई एवं जून का वेतन ही नहीं बंट सका है। इसमें उच्चशिक्षा निदेशालय के भी कुछ कर्मचारी शामिल हैं। इधर, बजट के अभाव में निर्माण कार्य भी बाधित हो गया है।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 94 राजकीय डिग्री कालेज हैं। इनमें से 34 पुराने डिग्री कालेज ऐसे हैं जो कि नान प्लान से संचालित होते हैं जबकि 60 से अधिक डिग्री कालेज प्लान से चलाए जा रहे हैं। इनमें कई ऐसे डिग्री कालेज भी हैं जो कि प्लान और नान प्लान दोनों योजनाओं से संचालित होते हैं। प्लान एवं नान प्लान में अंतर यह है कि प्लान की योजना में खर्च राशि व्यय करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होती है जबकि नान प्लान में खर्च प्रदेश सरकार वहन करती है।
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उच्चशिक्षा निदेशालय के मुताबिक चार माह का लेखानुदान के रूप में विभाग को लगभग 82 करोड़ का बजट मिला था। जिसमें नान प्लान में 62 करोड़ 79 लाख 91 हजार रुपए तथा प्लान में 19 करोड़ 18 लाख 5 हजार रुपए शामिल था। निदेशालय ने डिग्री कालेजों की डिमांड एवं आवश्यकता के अनुसार इस धनराशि को आवंटित कर दिया। इधर, डिग्री कालेजों को वेतन एवं अन्य मदों में पूरा बजट न मिलने से प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के वेतन का ही मामला लटक गया।
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प्लान में धनराशि कम मिलने के कारण 60 से अधिक डिग्री कालेजों के प्राध्यापकों, गेस्ट फैकल्टी और कर्मचारियों को मई एवं जून का वेतन नहीं मिला है। हल्द्वानी राजकीय महिला डिग्री कालेज के 30 प्राध्यापकों और कर्मियों को वेतन नहीं मिला है।
उच्चशिक्षा विभाग के प्रभारी निदेशक डाॅ. बीसी मेलकानी ने कहा कि शासन से प्लान में बजट कम मिलने की वजह से कई डिग्री कालेजों के प्राध्यापकों एवं कर्मियों को दो माह से वेतन नहीं मिल सका है। बजट की व्यवस्था हो पाने के बाद ही समस्या का समाधान होगा।