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पहाड़ की संस्कृति के लिए शुभ नहीं गांवों में बार

Wed, 21 Jan 2015 07:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/भीमताल
ब्यूरो/अमर उजाला/भीमताल Updated Wed, 21 Jan 2015 07:05 PM IST
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Not an auspicious time for the culture of the mountain villages

उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक डा. नारायण सिंह जंतवाल ने भीमताल ब्लाक के चांफी और अलचौना क्षेत्र में बार खोलने को गलत बताया है। मल्लीताल क्षेत्र में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि गांवों में बार खोलना पहाड़ की संस्कृति के लिए शुभ संकेत नहीं है।

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कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने बताया कि इन गांवों में अधिकांश ग्रामीण मेहनत मजदूरी या खेती कर जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में गांव में बार खुलेगा तो गांव का माहौल खराब होगा।
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इधर, उक्रांद नेता प्रेम सिंह कुल्याल, लोकेश वर्मा समेत अलचौना की प्रधान भावना वर्मा, चांफी की प्रधान पुष्पा देवी, जंगलियागांव की प्रधान राधा कुल्याल, महिला संगठन से जुड़ी हेमा जोशी आदि ने कहा है कि शुक्रवार को इस मुद्दे पर ग्रामीण डीएम से मिलेंगे। यदि बार की स्वीकृति को निरस्त नहीं किया गया तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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