फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   no road to chafa village nainital

Nainital News: लाइफलाइन के लिए आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर हैं चाफा के ग्रामीण

Wed, 15 Nov 2023 12:31 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Wed, 15 Nov 2023 12:31 AM IST
विज्ञापन
no road to chafa village nainital
हल्द्वानी। नैनीताल विधानसभा क्षेत्र का चाफा गांव आजादी के 76 साल बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। गांव में 400 से अधिक परिवार हैं। जरूरी सामान कंधों पर लादकर लोगों को डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। घायल-बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए डोली ही एकमात्र सहारा है। रात को पैदल आवाजाही करने पर जंगली जानवरों का डर बना रहता है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में युवा पलायन कर गए। गांव में अधिकतर बुजुर्ग ही बचे हैं।
विज्ञापन

दशकों के संघर्ष के बाद 2020 में विधायक निधि से सुयालखेत-जौरासी मार्ग पर गंगरकोट से चाफा गांव के लिए डेढ़ किलोमीटर सड़क काटने का कार्य शुरू हुआ, लेकिन कुछ समय बाद बारिश और भूस्खलन होने पर रोड पूरी तरह बदहाल हो गई। गांव के लिए न रोड बन पाई और न ही किसानों के पास खेती के लिए जमीन बची।
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विधायक और प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब उन्होंने आंदोलन की राह पकड़ ली है। ग्रामीणों ने सड़क का कार्य शुरु न होने पर हल्द्वानी-अल्मोड़ा एनएच पर यातायात बाधित करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों का दुखड़ा
सड़क न बनने से बुजुर्ग, बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए डोली का सहारा लेना पड़ता है। शासन-प्रशासन से निवेदन है कि ग्रामवासियों की सुध लें और जल्द सड़क बनाएं। -डॉ. विक्रम सिंह

ग्रामीण घर बनाने के लिए सामान की ढुलाई खच्चर से करते हैं। सड़क के अभाव में ढुलाई में काफी खर्च आ जाता है। सरकार रिवर्स पलायन की बात कर रही है लेकिन जो लोग गांव में रहते हैं उनकी सुध कोई नहीं ले रहा। -जीवन सिंह

आजादी के 76 साल बाद भी गांव तक सड़क नहीं पहुंची है। शादी-ब्याह और बड़े धार्मिक आयोजन होने पर लोगों को राशन और सामान सर पर ढोना पड़ता है। सड़क की मांग को लेकर कई जगह गुहार लगा चुके हैं। अब ग्रामीणों के सब्र का बांध टूंटने लगा है। -हरीश नेगी


सबका साथ सबका विकास का दावा करने वाली डबल इंजन सरकार ने चाफा गांव के विकास की रफ्तार को मंद कर दिया है। लोग पलायन करने को मजबूर हैं। गांव में अधिकतर बुजुर्ग बचे हैं। स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाना चुनौती भरा है। -दिनेश सिंह जीना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed