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पिथौरागढ़ की लाइफलाइन एनएच बंद होने से टमाटर का भाव पहुंचा 120 रुपये किलो
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ऑलवेदर सड़क को खोलती मशीनें।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिले को जोड़ने वाले दो राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने से सीमांत जिले का दूसरे दिन भी शेष दुनिया से संपर्क कटा रहा। पिथौरागढ़ में भारी बारिश से बंद पांच राष्ट्रीय राजमार्ग और 36 ग्रामीण सड़कों समेत एक प्रांतीय राजमार्ग बंद है। कार्यदायी संस्थाएं सड़कों को खोलने का लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सड़कों में भारी मलबा आने और लगातार हो रहे भूस्खलन के के कारण सड़कों को खोलने में काफी दिक्कतें हो रहीं हैं।
बारहमासी सड़क पर चुपकोट, दिल्ली बैंड सहित कई अन्य हिस्सों पर आए मलबे को खोलने में कार्यदायी संस्थाओं को काफी दिक्कतें हो रहीं हैं। 15 जेसीबी, पोकलैंड मशीनों के साथ ऑपरेटर जान जोखिम में डालकर लगातार सड़क खोलने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भारी मलबा और लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण सड़क को खोलने में काफी दिक्कत हो रही है।
लगातार हो रही बारिश के कारण घट्टाबगड़-लिपुलेख, तवाघाट-घट्टाबगड़, तवाघाट-सोबला, सोबला-दर-तिदांग और जौलजीबी- मुनस्यारी पांच नेशनल हाईवे बंद हैं।
अल्मोड़ा-सेराघाट स्टेट हाइवे भी बंद है। जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली बारहमासी सड़क में चुपकोट, दिल्लीबैंड आदि स्थानों पर मलबा आने से सड़क बंद चल रही है।
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बाहरी जिलों से आ रहे वाहन सेराघाट होकर नगर में आ रहे थे, लेकिन सेराघाट सड़क के बंद होने से सीमांत जिला पूरी तरह अलग-थलग पड़ गया है। सड़क बंद होने से यहां जरूरी सामान की भारी किल्लत होने लगी है। इधर भारी बारिश के कारण 36 ग्रामीण सड़कें बंद हैं।
इनमें बंगापानी-नाचनी, सोसा- सिर्खा, नाचनी-भैंसकोट, मंसूरी-कांडा-होकरा, सेलमाली-बिचना, आदिचौरा-सिन्नी, बांसबगड़-माणीधामी, पौड़ी-घटकूना, कालिका-खुमती, स्यांकुरी-धामीगांव, डोर-सैणरांथी सल्ला-सेल-राउतगड़ा, बुंगाछीना-उसैल, कठपतिया-दोबांस, तवाघाट-थानीधार, छड़नदेव-न्वाली, कनालीछीना-पीपली, सलोनी-ओलतड़ी, तवाघाट-नारायण आश्रम, सुकौली-चमाली, जाखपुरान-आंवलाघाट-डुंगरीरावल, चहज-पीपली, सेराघाट, उसैल, बुंगाछीना-बाटुला, गोगिना-जमरानी, चंडाक-चमाली, चंडाक-बांस, पाली-बोयल, कोठेरा- बौरखेल, ओगला-बस्तड़ी-उड़मा, डीडीहाट-पमस्यारी, बुसीगाड़, शेरीगाड़-कोसा आदि शामिल हैं।
सड़कों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इन क्षेत्रों में जरूरी सामान की जरूरी किल्लत होने लगी है। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क को खोलने की मांग की है।
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बारहमासी सड़क पर चुपकोट, दिल्ली बैंड सहित कई अन्य हिस्सों पर आए मलबे को खोलने में कार्यदायी संस्थाओं को काफी दिक्कतें हो रहीं हैं। 15 जेसीबी, पोकलैंड मशीनों के साथ ऑपरेटर जान जोखिम में डालकर लगातार सड़क खोलने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भारी मलबा और लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण सड़क को खोलने में काफी दिक्कत हो रही है।
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लगातार हो रही बारिश के कारण घट्टाबगड़-लिपुलेख, तवाघाट-घट्टाबगड़, तवाघाट-सोबला, सोबला-दर-तिदांग और जौलजीबी- मुनस्यारी पांच नेशनल हाईवे बंद हैं।
अल्मोड़ा-सेराघाट स्टेट हाइवे भी बंद है। जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली बारहमासी सड़क में चुपकोट, दिल्लीबैंड आदि स्थानों पर मलबा आने से सड़क बंद चल रही है।
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बाहरी जिलों से आ रहे वाहन सेराघाट होकर नगर में आ रहे थे, लेकिन सेराघाट सड़क के बंद होने से सीमांत जिला पूरी तरह अलग-थलग पड़ गया है। सड़क बंद होने से यहां जरूरी सामान की भारी किल्लत होने लगी है। इधर भारी बारिश के कारण 36 ग्रामीण सड़कें बंद हैं।
इनमें बंगापानी-नाचनी, सोसा- सिर्खा, नाचनी-भैंसकोट, मंसूरी-कांडा-होकरा, सेलमाली-बिचना, आदिचौरा-सिन्नी, बांसबगड़-माणीधामी, पौड़ी-घटकूना, कालिका-खुमती, स्यांकुरी-धामीगांव, डोर-सैणरांथी सल्ला-सेल-राउतगड़ा, बुंगाछीना-उसैल, कठपतिया-दोबांस, तवाघाट-थानीधार, छड़नदेव-न्वाली, कनालीछीना-पीपली, सलोनी-ओलतड़ी, तवाघाट-नारायण आश्रम, सुकौली-चमाली, जाखपुरान-आंवलाघाट-डुंगरीरावल, चहज-पीपली, सेराघाट, उसैल, बुंगाछीना-बाटुला, गोगिना-जमरानी, चंडाक-चमाली, चंडाक-बांस, पाली-बोयल, कोठेरा- बौरखेल, ओगला-बस्तड़ी-उड़मा, डीडीहाट-पमस्यारी, बुसीगाड़, शेरीगाड़-कोसा आदि शामिल हैं।
सड़कों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इन क्षेत्रों में जरूरी सामान की जरूरी किल्लत होने लगी है। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क को खोलने की मांग की है।