{"_id":"57ec188b4f1c1b68095750c4","slug":"nh-action-came-after-protests","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारी विरोध के बाद हरकत में आया एनएच ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारी विरोध के बाद हरकत में आया एनएच
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी।
Updated Thu, 29 Sep 2016 01:32 AM IST
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राजमार्ग पर तेजी से बढ़ रहे दुर्घटनाओं को लेकर क्षेत्रवासियों द्वारा विभाग पर मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग के प्रकाश में आने के बाद हरकत में आए नेशनल हाइवे ने लोगों का गुस्सा शांत करने के उद्देश्य से सड़क पर पैच वर्क करना शुरू कर दिया। पैक वर्क का विरोध करते हुए लोगों ने डामरीकरण की मांग की। एनएच द्वारा सहमति जताने पर लोग शांत हुए।
व्यापारी नेता शेखर उपाध्याय की मौत के बाद नगरवासियों द्वारा नेशनल हाइवे के अधिकारियों के विरुद्ध कोतवाली में नामजद तहरीर दी थी। इसके बाद हरकत में आए एनएच के अधिकारियों ने काम चलाऊ गड्ढे भरने का कार्य बुधवार से आरंभ किया। इसका मौके पर पहुंचकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ लोगों ने पुरजोर विरोध करते हुए काम बंद करवा दिया।
इधर, ट्रांसपोर्ट नगर में सड़क पैच वर्क का विरोध करने पहुंचे नगर के चेयरमैन रामबाबू मिश्रा व हेमवती नंदन के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने एनएच पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गुणवत्ता को ध्यान में रखकर पैच वर्क की बजाए खराब सड़क के पूरे हिस्से पर डामरीकरण किया जाए। एनएच द्वारा सहमती जताने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान भुवन पांडेय, जीवन कबडवाल, सरदार गुरदीप सिंह आदि थे।
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व्यापारी नेता शेखर उपाध्याय की मौत के बाद नगरवासियों द्वारा नेशनल हाइवे के अधिकारियों के विरुद्ध कोतवाली में नामजद तहरीर दी थी। इसके बाद हरकत में आए एनएच के अधिकारियों ने काम चलाऊ गड्ढे भरने का कार्य बुधवार से आरंभ किया। इसका मौके पर पहुंचकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ लोगों ने पुरजोर विरोध करते हुए काम बंद करवा दिया।
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इधर, ट्रांसपोर्ट नगर में सड़क पैच वर्क का विरोध करने पहुंचे नगर के चेयरमैन रामबाबू मिश्रा व हेमवती नंदन के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने एनएच पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गुणवत्ता को ध्यान में रखकर पैच वर्क की बजाए खराब सड़क के पूरे हिस्से पर डामरीकरण किया जाए। एनएच द्वारा सहमती जताने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान भुवन पांडेय, जीवन कबडवाल, सरदार गुरदीप सिंह आदि थे।
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