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फर्जी बैंक मैसेज पर 'नो' लिखना पड़ सकता है भारी: साइबर ठगी का नया तरीका, उत्तराखंड में अलर्ट

Wed, 21 Oct 2026 11:52 AM IST
Heera समीर बिसारिया
समीर बिसारिया Published by: Heera Updated Wed, 21 Oct 2026 11:52 AM IST
सार

साइबर ठग फर्जी ट्रांजेक्शन मैसेज भेजकर लोगों को डराते हैं और 'नो' लिखकर जवाब देने पर ठगी करते हैं, इस नए तरीके को देखते हुए उत्तराखंड में एडवाइजरी जारी की गई है।

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New method of cyber fraud in uttarakhand
cyber crime

विस्तार

 

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बैंक खाते से रुपये कटने का फर्जी संदेश और उसके बाद आने वाला मैसेज, कि क्या यह ट्रांजेक्शन आपने किया है। नहीं किया तो नो लिखकर जवाब दें। साइबर ठग अब लोगों की इसी घबराहट को निशाना बना रहे हैं। अनधिकृत ट्रांजेक्शन का डर दिखाकर लोगों को जवाब देने के लिए उकसाया जा रहा है। हाल में सामने आए मामलों ने इस तरीके को लेकर चिंता बढ़ाई है। इसे देखते हुए उत्तराखंड में भी एडवाइजरी जारी की गई है।

सितंबर-2026 में लखनऊ में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ ऐसा मामला सामने आया है। पीड़ित को व्हाट्सएप पर 90 हजार रुपये कटने का मैसेज मिला। ट्रांजेक्शन नहीं करने पर उन्होंने जवाब में नो लिख लिया। इसके बाद उनके दो निजी बैंकों में संचालित खातों से करीब 1.70 लाख रुपये निकल गए। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि पीड़ित ने न ओटीपी साझा किया था और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया।

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12 अक्तूबर को हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने भी ऐसे स्कैम को लेकर चेतावनी जारी की थी। इसमें फर्जी बैंक अलर्ट भेजकर जवाब मांगे जाने के तरीके का जिक्र किया गया।

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सावधानी ही बचाव
अनजान नंबर से आए बैंक अलर्ट का जवाब न दें। बैंक के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से खाते की जांच करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी, पिन या बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें। खाते से रुपये निकलने पर तुरंत बैंक को सूचना दें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

अब तक उत्तराखंड में इस तरह का मामला सामने नहीं आया है लेकिन अन्य राज्यों में मामले सामने आए हैं। इस तरह के किसी भी मैसेज के आने पर एक घबराएं नहीं पहले संबंधित बैंक से सत्यापित करें। कोई भी जबाव न दें। सार्वजनिक स्थानों पर भी जागरुकता अभियान के दौरान इसकी जानकारी लोगों को दी जा रही है। -डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी क्राइम, नैनीताल

 

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