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नैनीताल में मनाया राष्ट्रीय कीवी दिवस: पहाड़ी जिलों में उत्पादन के लिए किसानों को किया गया प्रेरित
Sat, 21 Dec 2024 04:20 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Sat, 21 Dec 2024 04:20 PM IST
सार
उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद हल्दी के क्षेत्रीय केंद्र पटवाडांगर में परिषद एवं ग्राफिक ऐरा हिल यूनिवर्सिटी के संयुक्त रूप से शनिवार को राष्ट्रीय कीवी दिवस मनाया गया।
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National Kiwi Day
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद हल्दी के क्षेत्रीय केंद्र पटवाडांगर में परिषद एवं ग्राफिक ऐरा हिल यूनिवर्सिटी के संयुक्त रूप से शनिवार को राष्ट्रीय कीवी दिवस मनाया गया। परिषद के निदेशक डॉ. संजय कुमार ने किसानों को कीवी कृषिकरण में आगे आने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की जलवायु कीवी उत्पादन के लिए बेहतर है।
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शनिवार को राष्ट्रीय कीवी दिवस मनाते हुए डॉ संजय कुमार ने कहा कि कीवी फल में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं। यह फल कई रोगों का निवारण करता है और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है। इस फल को मार्केटिंग की अति आवश्यकता है। देश का भविष्य युवाओं पर निर्भर है। उन्होनें सभा में उपस्थित किसानों व युवा वैज्ञानिकों से उद्यमी बनने व अपना स्टार्टअप शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कीवी फल के उद्गम एवं इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तरखंड के किसान कीवी का उत्पादन करके पलायन जैसी समस्या से बच सकते हैं और कीवी उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में अपना सकते हैं।
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कीवी फल के उत्पादन के लिए आवश्यक जलवायु, मृदा गुणवत्ता के दृष्टिकोण से दिसंबर माह सबसे उपयुक्त है। कहा कि कीवी फल की प्रमुख मादा किस्में एलीशन, ब्रूनो, मोंटी एवं एबोट और नर किस्म तुमरी है, जिसका उत्पादन मुख्य रूप से किसानों द्वारा करके अपनी आर्थिकी को मजबूत किया जा सकता है। इस दौरान डॉ सुमित पुरोहित, प्रगतिशील किसान भवान सिंह कोरंगा, सुखदेव पंत समेत सौ से ज्यादा किसान मौजूद थे।
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