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Uk: दुर्लभ पक्षियों की मौजूदगी से चहका नंधौर वन्य जीव अभ्यारण्य, 47 प्रजातियां पिछले बर्ड सेंसस से अधिक मिली

Fri, 26 Dec 2025 03:54 PM IST
गायत्री जोशी अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: गायत्री जोशी Updated Fri, 26 Dec 2025 03:54 PM IST
सार

पक्षी प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। हल्द्वानी वन प्रभाग की ओर से की गई वर्ष 2025 की पक्षी गणना में नंधौर वन्य जीव अभ्यारण में 215 से अधिक प्रजातियों के पक्षी रिकाॅर्ड किए गए हैं।

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Nandhour Wildlife Sanctuary is buzzing with the presence of rare birds in haldwani
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

 पक्षी प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। हल्द्वानी वन प्रभाग की ओर से की गई वर्ष 2025 की पक्षी गणना में नंधौर वन्य जीव अभ्यारण में 215 से अधिक प्रजातियों के पक्षी रिकाॅर्ड किए गए हैं। इनमें कई लुप्तप्राय या समाप्त होने के कगार पर शामिल पक्षी भी शामिल हैं। वर्ष 2023 में हुई पक्षियों की गणना में यहां 168 प्रजातियां ही मिली थीं। डीएफओ कुंदन कुमार के मुताबिक हल्द्वानी वन प्रभाग में शीतकालीन प्रवासी और ऊंचाई वाले प्रवासी पक्षियों का अधिक प्रतिनिधित्व देखने को मिला है। शिकारी पक्षियों की विविधता और जंगल पर निर्भर प्रजातियों में वृद्धि दर्ज की गई है।

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सफेद पूंछ वाला गिद्ध व हिमालयन ग्रिफॉन भी आया नजर
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 19 से 22 दिसंबर तक हुई पक्षी गणना में पक्षियों की दस ऐसी प्रजातियां भी मिली हैं जिन्हें लेकर वैश्विक स्तर पर संरक्षण की चिंता जताई गई है। इनमें गंभीर रूप से लुप्तप्राय सफेद पूंछ वाला गिद्ध, स्टेपी ईगल (पलास का मछली बाज), ग्रेट हॉर्नबिल, हिमालयन ग्रिफॉन, सिनेरियस गिद्ध, रूफस-बेलीड ईगल और लेसर फिश ईगल शामिल हैं।

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पक्षी गणना में मिली दुर्लभ पक्षियों की यह प्रजातियां
इसके अलावा ब्लैक बाजा, रेड-हेडेड ट्रोगोन, सिल्वर-ईयर मेसिया, कॉमन मर्गेंसर और कॉलर फाल्कनेट जैसी दुर्लभ प्रजातियां भी मिलीं। ये प्रजातियां आमतौर पर पूर्वी हिमालय और इंडो-मलयन पक्षी जगत से हैं। नंधौर में इन प्रजातियों का मिलना उत्तराखंड के लिए विशेष महत्व रखता है।

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जानिये ब्लैक बाजा और रेड हेडेड ट्रोगोन के बारे में
ब्लैक बाजा प्रजाति मुख्य रूप से पूर्वी हिमालय, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में पाई जाती है। इसे पहली बार मध्य नेपाल के पश्चिम और उत्तराखंड में देखा गया है। हल्द्वानी वन प्रभाग में इसका नजर आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभागीय अधिकारी फोटोग्राफी साक्ष्य व विशेषज्ञ जांच के माध्यम से ब्लैक बाजा की पुष्टि करा रहे हैं। रेड-हेडेड ट्रोगोन परिपक्व व अबाधित वन पारिस्थितिकी तंत्र की एक प्रमुख प्रजाति है। यह पूर्वी हिमालयी पक्षी-जगत का एक विशिष्ट प्रतिनिधि है।

वर्ष 2025 की पक्षी गणना के परिणाम दर्शाते हैं कि नंधौर वन्यजीव अभयारण्य दुर्लभ पूर्वी पक्षी प्रजातियों के लिए उत्तराखंड का मजबूत गढ़ बनकर उभरा है। इन प्रजातियों की उपस्थिति नंधौर वन्यजीव अभयारण्य के क्षेत्रीय और वैश्विक संरक्षण मूल्य को उजागर करती है। - कुंदन कुमार प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी वन प्रभाग

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