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नैनीताल की शैलजा, रुद्रपुर की वरुणा बनीं आईएएस

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 02:17 AM IST
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Nainital's Shailja, Rudrapur's Varuna became IAS
हल्द्वानी/रुद्रपुर। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है। रुद्रपुर की वरुणा ने 38वीं तो नैनीताल की शैलजा पांडे की 61वीं रैंक आई है। दोनों बेटियां आईएएस बनीं हैं।
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शैलजा पांडे ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता दीप चंद्र पांडे और बीडी पांडेय अस्पताल नैनीताल में डॉक्टर शोभा पांडेय की बेटी हैं। शैलजा ने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा में जिला टॉप किया था। वर्तमान में वह इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट सर्विस (आईएएएस) की अहमदाबाद में ट्रेनिंग ले रही हैं।
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दीप चंद्र पांडे ने बताया कि शैलजा की सिविल सेवा की परीक्षा में ऑल इंडिया में 61 वीं रैंक आई है। शैलजा ने एनआईटी हमीरपुर से इलेक्ट्रिक एंड इलेक्ट्रानिक्स में इंजीनियरिंग किया। इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट सर्विस में सलेक्शन होने के बाद वह अहमदाबाद में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने सेंटमेरी कान्वेंट स्कूल नैनीताल से 2011 में हाईस्कूल और 2013 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। दोनों ही परीक्षाओं में वह टॉपर रहीं और विद्यालय के रोल ऑफ मेरिट लिस्ट में उसका नाम दर्ज है।
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मूल रूप से मझेड़ा (प्रेमपुर) गरमपानी, नैनीताल निवासी शैलजा का परिवार वर्तमान में लोअर डांडा कंपाउंड जू रोड नैनीताल में रहता है। दीप चंद्र पांडेय के बेटे यथार्थ पांडे ने भी इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रानिक्स से इंजीनियरिंग की है।
अनुशासन, आत्मविश्वास की बदौलत पाई सफलता
हल्द्वानी। शैलजा ने बताया कि लगन, मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास की बदौलत ही उन्होंने सफलता पाई है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में सबसे पहले आत्मविश्वास जरूरी है। आप जिस क्षेत्र की तैयारी कर रहे हैं उस पर अपना खास फोकस रहना चाहिए। लगातार पढ़ाई जरूरी है लेकिन तय करना चाहिए कि क्या पढ़ें और कैसे पढे़ं। विषय वस्तु पर ध्यान केंद्रित करें। पूरी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा के दौरान अनुशासित रहना जरूरी है। मेरी सफलता के पीछे माता-पिता, नानी रेवती लोहनी, नाना स्व. पूरन चंद्र लोहनी और मौसी हेमा लोहनी का भी आशीर्वाद है।
वरुणा तीसरे प्रयास में बनीं आईएएस, दो साल से कर रही थी कड़ी मेहनत
रुद्रपुर। यूपीएससी के घोषित नतीजों में रुद्रपुर की वरुणा अग्रवाल ने 38वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया है। वह दो साल से सिविल सेवा के लिए कड़ी मेहनत कर रही थीं। सिविल सर्विसेज में सफल होने पर रिश्तेदारों, परिचित और क्षेत्रवासियों वरुणा को बधाई दी है।
शुक्रवार को यूपीएससी ने सिविल सर्विसेज का परिणाम घोषित कर दिया, जिसमें शहर में सरस्वती शिशु मंदिर के समीप रहने वाले चार्टर्ड एकाउंटेंट सुबोध अग्रवाल की 25 वर्षीय बेटी वरुणा अग्रवाल ने 38वीं रैंक हासिल की। अपनी सफलता से उत्साहित वरुणा ने बताया कि तीसरी कोशिश में उन्हें सफलता हासिल हुई है। दूसरी कोशिश में वह इंटरव्यू तक पहुंची थीं। बताया कि एक साल दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की कोचिंग की थी। इसके बाद उन्होंने घर पर ही परीक्षा की तैयारी की थी। बताया कि कक्षा छह में सेरेमनी इंस्पायर कार्यक्रम में सफल लोगों के इंटरव्यू सुनकर गवर्नेंस सिस्टम का हिस्सा बनकर देश और समाज के लिए बेहतर करने की ठान ली थी। लॉ की पढ़ाई करते समय उन्होंने सिस्टम को काफी गहराई से समझा और उनकी आईएएस बनने की ललक बढ़ती गई। बताया कि वह रोजाना पांच से आठ घंटे एक लक्ष्य के साथ पढ़ाई करती थीं। एक प्लानिंग के साथ लक्ष्य लेकर पढ़ाई करने से ही सफलता हासिल हुई है।
बेटी की सफलता से गदगद सुबोध अग्रवाल ने बताया कि बेटी ने आईएएस बनने का सपना पूरा कर लिया है। इसकी उन्हें बेहद खुशी है। बताया कि वरुणा ने वर्ष 2013 में जेसीज पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और रुद्रपुर टॉप किया था। इसके बाद सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट पुणे से बीबीए, एलएलबी किया था। सीए सुबोध अग्रवाल के पुत्र राहुल अग्रवाल भी सीए हैं। उनकी पत्नी डॉ. साधना अग्रवाल फाइन आर्ट में पीएचडी हैं।
दादा बनवारी लाल का सपना भी किया पूरा
रुद्रपुर। वरुणा ने बताया कि उनकी कामयाबी के पीछे दादा बनवीर लाल का बड़ा योगदान है। दादा ने कई बार सपने में उन्हें आईएएस अफसर बने देखा है। आज दादा का भी सपना पूरा हुआ है। दादा आदर्शनगर गदरपुर में फार्मर हैं। वरुणा ने सफलता का श्रेय माता, पिता, भाई, दादा के अलावा हमेशा प्रोत्साहित करने वाले लोगों को दिया है।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर करेंगी फोकस
रुद्रपुर। वरुणा ने बताया कि देश की तरक्की के लिए बच्चों का शिक्षित होना बेहद जरुरी है। वह शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस करेंगी। बताया कि देश के विकास के लिए सभी क्षेत्रों में ईमानदारी से बेहतर कार्य करने की कोशिश करेंगी। जनता की भलाई के लिए मिले प्लेटफार्म का बेहतर ढंग से उपयोग करेंगी।
मेधावी सिद्धार्थ तीन बार पास कर चुके हैं, यूपीएससी की परीक्षा
कांडा/बागेश्वर। कांडा के भदौरा गांव के सिद्धार्थ धपोला ने लगातार तीसरी बार यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की है। सिद्धार्थ इस समय हैदराबाद में आईपीएस का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस बार उनकी रैंकिंग गिरी है। सिद्धार्थ के परिजनों के अनुसार सिद्धार्थ आईपीएस का प्रशिक्षण पूरा करेंगे। धपोला की उपलब्धि से उनका गांव और समूचा क्षेत्र गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
शुक्रवार को जारी यूपीएससी की परीक्षा में आईटीबीपी में इंस्पेक्टर के पद तैनात भदौरा गांव के विपिन चंद्र धपोला और मुन्नी धपोला के पुत्र सिद्धार्थ धपोला ने यूपीएससी परीक्षा में 294वीं रैंकिंग हासिल की है। सिद्धार्थ ने पिछली बार 163वीं ऑल इंडिया रैंकिंग से यूपीएससी की परीक्षा पास की थी। उनका चयन आईपीएस के लिए हुआ है। उससे पहले सिद्धार्थ ने 255वीं रैंकिंग के साथ यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। तब उनका चयन आईआरएस के लिए हुआ था।
लगातार तीन बार यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर सिद्धार्थ ने अपनी बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया है, जिससे भदौरा गांव और संपूर्ण इलाका गौरवान्वित महसूस कर रहा है। सिद्धार्थ के पिता ने बताया कि सिद्धार्थ आईपीएस की ट्रेनिंग पूरी कर पुलिस में ही कॅॅरियर बनाएंगे।
जसुपर के अर्पित चौहान की 297वीं रैंक
जसपुर। नगर निवासी अर्पित चौहान ने यूपीएससी की परीक्षा में 297वी रैंक हासिल की है। मोहल्ला चमन बाग कॉलोनी निवासी अर्पित चौहान के पिता बलकरन सिंह राजकीय प्राथमिक विद्यालय शिवराजपुर में अध्यापक है। माता अनीता चौहान जीजीआईसी में शिक्षिका हैं।
अर्पित चौहान ने बताया कि उन्होंने हाईस्कूल इंटरमीडिएट की परीक्षा मारिया स्कूल काशीपुर से उत्तीर्ण की थी। बीटेक कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर से किया था। उसके बाद घर पर रहकर ही यूपीएससी की तैयारी की थी। उन्हें 297वीं रैंक मिली है। अर्पित चौहान ने बताया कि उन्होंने घर पर रहकर ही परीक्षा की तैयारी की थी। विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल, तरुण प्रधान, डॉ एमपी सिंह, अमित त्यागी, मनोज शर्मा, विनोद शर्मा, अजय राज सैनी, पलविंदर सिंह, सुशांत विश्नोई, अमित चौहान आदि ने अर्पित को मुबारकबाद दी।

तुषार ने भी पास की सिविल सेवा परीक्षा
हल्द्वानी। शहर के तुषार मेहरा ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 306 रैंक हासिल कर उत्तीर्ण की है।
मूलरूप से जैनोली (रानीखेत) निवासी शोभा मेहरा और गोविंद सिंह मेहरा के बेटे तुषार ने 12वीं की परीक्षा आर्मी स्कूल रानीखेत से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। यहां न्यू आवास विकास में रह रहे तुषार ने बताया कि उन्होंने आईआईटी रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया है। यूपीएससी की परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण की है। तुषार के पिता राजकीय इंटर कालेज त्यूनराखेत (रानीखेत) से प्रवक्ता पद से सेवानिवृत्त हैं। उनकी बहन चेतना गणित में पीएचडी कर रही हैं। भाई लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया उनकी मौसी हैं।
सफलता का श्रेय अपनी बहन चेतना मेहरा को देते हुए तुषार का कहना है कि लक्ष्य को साधने के लिए मेहनत जरूरी है। इसकी से सफलता जरूर मिलती है।
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