Nainital Accident: नैनीताल सड़क हादसे में मृत लोगों के चेहरे तक नहीं पहचान पाए अपने, चेहरा सिलकर हुई शिनाख्त
नैनीताल के कोटाबाग हादसे में मारे गए यूपी के बिलासपुर, रामपुर के पांचों युवकों के शवों का हल्द्वानी में पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान मृतकों के शवों को पहचान पाना मुश्किल था। जिसके बाद मृतकों के चेहरों को सिलकर उनकी पहचान कराई गई।
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नैनीताल के कोटाबाग ब्लॉक के देवीपुरा-सौड़ मोटर मार्ग पर शुक्रवार देर रात एक कार खाई में गिर गई। हादसे में सवार पांच सैलानियों की मौके पर ही मौत हो गई। यह सभी यूपी के बिलासपुर क्षेत्र के रहने वाले थे। हादसा शुक्रवार देर रात हुआ और इसकी जानकारी शनिवार दोपहर बाद प्रशासन तक पहुंची। सूचना पर पहुंची पुलिस, प्रशासन और राजस्व की टीमों ने ग्रामीणों की मदद से शवों को खाई से निकाला जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया गया।
उत्तर प्रदेश के बिलासपुर, रामपुर के पांचों युवकों के शवों का पोस्टमार्टम किया गया। बता दें कि, मृतकों के शवों को पहचान पाना मुश्किल था। जिसकी वजह से हादसे में मृत युवकों के चेहरों को सिलकर पहचान कराई गई। इसके बाद परिजनों को शव सौंप दिए गए।
बता दें कि, शनिवार रात आठ बजे शवों को हल्द्वानी मोर्चरी लाया गया। यहां कागजी कार्रवाई के बाद देर रात पोस्टमार्टम शुरू हुआ। रात दो बजे पांचों शवों का पोस्टमार्टम किया गया। सभी के चेहरे क्षत विक्षत होने के कारण परिजन भी उन्हें नहीं पहचान पा रहे थे। जानकारी मिली कि, पांचों युवकों के चेहरे सर्जिकल सुई और सूती धागे से सिले गए, तब जाकर परिजनों ने अपनों को पहचाना। इसके बाद शवों को घर लेकर गए।
बाघनी सड़क हादसे में मृत
1- रवि प्रताप सिंह (27) बिजली फार्म, बिलासपुर, रामपुर
2- सुखमीत सिंह (27) बिजली फार्म, बिलासपुर, रामपुर
3- जगरूप सिंह (27) रतनपुर, बिलासपुर, रामपुर
4- गुरु सेवक सिंह (26) वारदारी, बिलासपुर, रामपुर
5- जगजीत सिंह (23) सिकरौरा, बिलासपुर, रामपुर
हादसा कब हुआ किसी को नहीं पता
देवीपुरा-सौड़ मोटर मार्ग पर हुए हादसे में पांच पर्यटकों की मौत हो गई। हादसा कब और किस समय हुआ है इसकी सही जानकारी किसी को नहीं है। डीएम वंदना का कहना है कि हादसा शुक्रवार रात का है जबकि मृतकों के परिजनों से बातचीत के बाद एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि हादसा गुरुवार रात का हो सकता है। बाघनी क्षेत्र दूरस्थ के साथ साथ एकांत होने के कारण हादसे की जानकारी भी कई घंटे बाद प्रशासन को मिली।