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मुंबई के पर्यटक हुए ठगी के शिकार
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रामनगर कोतवाली में पुलिस अफसर का इंतजार करते हुए ठगी के शिकार मुंबई के पर्यटक।
- फोटो : RAMNAGAR
रामनगर (नैनीताल)। ठगी के शिकार हुए मुंबई के पर्यटक शनिवार दोपहर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। कोतवाली में उनकी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं था। इधर-उधर फोन करने के काफी देर बाद एसएसआई पहुंचे, तब उनकी फरियाद सुनी गई। कॉर्बेट के नाम पर सीतावनी घुमाया गया। पर्यटकों ने टूर ऑपरेटर के खिलाफ तहरीर दी है।
मुंबई से 70 पर्यटकों का दल उत्तराखंड घूमने आया था। ठगी का शिकार हुए पर्यटक शिमला की कलर्स ऑफ इंडिया टूर ऑपरेटर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए शनिवार दोपहर दो बजे कोतवाली पहुंचे। पर्यटक समीर विचारे ने बताया कि कोतवाली में कोई भी पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं था। पर्यटकों ने कोतवाली में लिखे कोतवाल के सीयूजी नंबर पर फोन किया। फोन एसएसआई प्रेम विश्वकर्मा ने उठाया और थोड़ी में आने की बात कही। काफी इंतजार करने के बाद एसएसआई पहुंचे और पर्यटकों की बात सुनी। मुंबई के पर्यटकों को इंतजार कराने के संबंध में एसएसआई प्रेम विश्वकर्मा ने बताया कि वह खाना खाने गए थे। कोतवाली में दिवस अधिकारी एसआई बीसी मासीवाल हैं। दिवस अधिकारी बीसी मासीवाल ने बताया कि वह भी खाना खाने के लिए गए थे। इस वजह से कोतवाली में मौजूद नहीं थे। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि वह एविडेंस में बाहर गए थे। शाम को कोतवाली पहुंचे और पर्यटकों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। पर्यटकों की मदद की जा रही है।
पर्यटकों से ऐसे हुई ठगी
मुंबई के पर्यटक समीर विचारे ने बताया कि 70 लोगों को ग्रुप उत्तराखंड भ्रमण पर आया है। उन्होंने शिमला की कलर्स ऑफ इंडिया टूर कंपनी की वेबसाइट पर उत्तराखंड में भ्रमण के लिए 13 दिन और 12 रात का पैकेज 17 लाख रुपये में बुक कराया गया था। उत्तराखंड भ्रमण के दौरान उन्हें देहरादून, मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार, जिम कॉर्बेट पार्क, रानीखेत, कौसानी, नैनीताल, आगरा और दिल्ली जाना था। पैकेज के तहत 14 लाख रुपये टूर कंपनी को दिए। वह 19 मई को वह देहरादून पहुंचे। देहरादून में उन्हें एक व्यक्ति मिला। उस व्यक्ति ने उनसे पैकेज के साढ़े तीन लाख रुपये लिए और उन्हें मसूरी भेज दिया। मसूरी में अच्छा रिजॉर्ट नहीं मिलने पर शिकायत थाने में की। ऋषिकेश, हरिद्वार में भी अच्छी सुविधा नहीं मिली और दो दिन पहले रामनगर पहुंचे। यहां भी रिजॉर्ट में अच्छी सुविधा नहीं मिली। कॉर्बेट के बिजरानी के बजाय सीतावनी घुमा दिया। सीतावनी घुमाने के लिए 60 हजार रुपये ले लिए। अब रिजॉर्ट स्वामी रुपये मांग रहा है और रिजॉर्ट खाली कराने को कह रहा है। टूर ऑपरेटर फोन नहीं उठा रहे हैं। इस वजह से वह काफी परेशान हैं।
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महाराष्ट्र के सीएम तक पहुंची शिकायत
रामनगर (नैनीताल)। मुंबई के पर्यटकों से हुई ठगी के मामले में शिकायत महाराष्ट्र के सीएम तक पहुंची। महाराष्ट्र सीएम के पीए ने उत्तराखंड सीएम के पीए को फोन पर जानकारी दी। इसके बाद सचिवालय से नैनीताल जिलाधिकारी के पास फोन गया तो पूरा प्रशासन हिल किया। आनन-फानन में पुलिस ने मुंबई के पर्यटकों की बात सुनी और मुकदमा दर्ज किया।
मुंबई के पर्यटक समीर विचारे ने बताया कि जब रामनगर कोतवाली में उनकी किसी नहीं सुनी तो फिर उन्होंने महाराष्ट्र के सीएम के पीए को फोन पर जानकारी दी। सचिवालय से डीएम व एसएसपी को फोन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इस पर डीएम ने एसडीएम रामनगर को कार्रवाई के निर्देश दिए तो प्रशासन हरकत में आया। तत्काल नायाब तहसीलदार डीसी मिश्रा, राजस्व उपनिरीक्षक ताराचंद्र पटवारी कोतवाली पहुंचे और पर्यटकों से जानकारी ली। वहीं सीओ बलजीत सिंह भाकुनी भी कोतवाली पहुंचे और पर्यटकों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके बाद मुकदमा सभी पर्यटक रानीखेत चले गए। वहीं डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। ऐसे प्रकरण में प्रदेश का नाम खराब होता है, जो ठीक नहीं है।
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मुंबई से 70 पर्यटकों का दल उत्तराखंड घूमने आया था। ठगी का शिकार हुए पर्यटक शिमला की कलर्स ऑफ इंडिया टूर ऑपरेटर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए शनिवार दोपहर दो बजे कोतवाली पहुंचे। पर्यटक समीर विचारे ने बताया कि कोतवाली में कोई भी पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं था। पर्यटकों ने कोतवाली में लिखे कोतवाल के सीयूजी नंबर पर फोन किया। फोन एसएसआई प्रेम विश्वकर्मा ने उठाया और थोड़ी में आने की बात कही। काफी इंतजार करने के बाद एसएसआई पहुंचे और पर्यटकों की बात सुनी। मुंबई के पर्यटकों को इंतजार कराने के संबंध में एसएसआई प्रेम विश्वकर्मा ने बताया कि वह खाना खाने गए थे। कोतवाली में दिवस अधिकारी एसआई बीसी मासीवाल हैं। दिवस अधिकारी बीसी मासीवाल ने बताया कि वह भी खाना खाने के लिए गए थे। इस वजह से कोतवाली में मौजूद नहीं थे। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि वह एविडेंस में बाहर गए थे। शाम को कोतवाली पहुंचे और पर्यटकों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। पर्यटकों की मदद की जा रही है।
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पर्यटकों से ऐसे हुई ठगी
मुंबई के पर्यटक समीर विचारे ने बताया कि 70 लोगों को ग्रुप उत्तराखंड भ्रमण पर आया है। उन्होंने शिमला की कलर्स ऑफ इंडिया टूर कंपनी की वेबसाइट पर उत्तराखंड में भ्रमण के लिए 13 दिन और 12 रात का पैकेज 17 लाख रुपये में बुक कराया गया था। उत्तराखंड भ्रमण के दौरान उन्हें देहरादून, मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार, जिम कॉर्बेट पार्क, रानीखेत, कौसानी, नैनीताल, आगरा और दिल्ली जाना था। पैकेज के तहत 14 लाख रुपये टूर कंपनी को दिए। वह 19 मई को वह देहरादून पहुंचे। देहरादून में उन्हें एक व्यक्ति मिला। उस व्यक्ति ने उनसे पैकेज के साढ़े तीन लाख रुपये लिए और उन्हें मसूरी भेज दिया। मसूरी में अच्छा रिजॉर्ट नहीं मिलने पर शिकायत थाने में की। ऋषिकेश, हरिद्वार में भी अच्छी सुविधा नहीं मिली और दो दिन पहले रामनगर पहुंचे। यहां भी रिजॉर्ट में अच्छी सुविधा नहीं मिली। कॉर्बेट के बिजरानी के बजाय सीतावनी घुमा दिया। सीतावनी घुमाने के लिए 60 हजार रुपये ले लिए। अब रिजॉर्ट स्वामी रुपये मांग रहा है और रिजॉर्ट खाली कराने को कह रहा है। टूर ऑपरेटर फोन नहीं उठा रहे हैं। इस वजह से वह काफी परेशान हैं।
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महाराष्ट्र के सीएम तक पहुंची शिकायत
रामनगर (नैनीताल)। मुंबई के पर्यटकों से हुई ठगी के मामले में शिकायत महाराष्ट्र के सीएम तक पहुंची। महाराष्ट्र सीएम के पीए ने उत्तराखंड सीएम के पीए को फोन पर जानकारी दी। इसके बाद सचिवालय से नैनीताल जिलाधिकारी के पास फोन गया तो पूरा प्रशासन हिल किया। आनन-फानन में पुलिस ने मुंबई के पर्यटकों की बात सुनी और मुकदमा दर्ज किया।
मुंबई के पर्यटक समीर विचारे ने बताया कि जब रामनगर कोतवाली में उनकी किसी नहीं सुनी तो फिर उन्होंने महाराष्ट्र के सीएम के पीए को फोन पर जानकारी दी। सचिवालय से डीएम व एसएसपी को फोन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इस पर डीएम ने एसडीएम रामनगर को कार्रवाई के निर्देश दिए तो प्रशासन हरकत में आया। तत्काल नायाब तहसीलदार डीसी मिश्रा, राजस्व उपनिरीक्षक ताराचंद्र पटवारी कोतवाली पहुंचे और पर्यटकों से जानकारी ली। वहीं सीओ बलजीत सिंह भाकुनी भी कोतवाली पहुंचे और पर्यटकों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके बाद मुकदमा सभी पर्यटक रानीखेत चले गए। वहीं डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। ऐसे प्रकरण में प्रदेश का नाम खराब होता है, जो ठीक नहीं है।