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Nainital News: बैंक की उप प्रबंधक से अभद्रता मामले में मां-बेटे पर जुर्माना
Thu, 31 Jul 2025 02:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 31 Jul 2025 02:12 AM IST
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नैनीताल। बैंक की उप प्रबंधक पर जबरन रुपये निकालने का दबाव बनाने और अभद्रता करने पर कोर्ट में मां और बेटे को 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार एसबीआई की उप शाखा प्रबंधक तुहिना सेन ने 26 नवंबर 2021 को मल्लीताल कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा था कि 24 नवंबर 2021 को आवागढ़ कंपाउंड वार्ड छह मल्लीताल कोतवाली निवासी धना नेगी और उनके बेटे शार्दुल नेगी बैंक पहुंचे।
शार्दुल ने बताया कि उसके पिता भुवन सिंह नेगी बीमार है और उनका हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके इलाज के लिए उन्हें रुपये की जरूरत है।
इस पर बैंक कर्मियों ने शार्दुल को पूरी प्रक्रिया समझा दी। 24 नवंबर को मां-बेटे भुवन सिंह नेगी के बिना हस्ताक्षर का फॉर्म लेकर रुपये निकालने बैंक पहुंच गए। आरोप है कि दोनों ने बैंक की उप शाखा प्रबंधक तुहिना सेन से अभद्रता की और जबरन रुपये निकालने का दबाव बनाया।
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मामले में अभियोजन की ओर से नौ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मां-बेटे को दोषी पाया और दो धाराओं में 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इनमें से 35 हजार की धनराशि पीड़िता को दो जाएगी।
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अभियोजन के अनुसार एसबीआई की उप शाखा प्रबंधक तुहिना सेन ने 26 नवंबर 2021 को मल्लीताल कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा था कि 24 नवंबर 2021 को आवागढ़ कंपाउंड वार्ड छह मल्लीताल कोतवाली निवासी धना नेगी और उनके बेटे शार्दुल नेगी बैंक पहुंचे।
शार्दुल ने बताया कि उसके पिता भुवन सिंह नेगी बीमार है और उनका हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके इलाज के लिए उन्हें रुपये की जरूरत है।
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इस पर बैंक कर्मियों ने शार्दुल को पूरी प्रक्रिया समझा दी। 24 नवंबर को मां-बेटे भुवन सिंह नेगी के बिना हस्ताक्षर का फॉर्म लेकर रुपये निकालने बैंक पहुंच गए। आरोप है कि दोनों ने बैंक की उप शाखा प्रबंधक तुहिना सेन से अभद्रता की और जबरन रुपये निकालने का दबाव बनाया।
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मामले में अभियोजन की ओर से नौ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मां-बेटे को दोषी पाया और दो धाराओं में 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इनमें से 35 हजार की धनराशि पीड़िता को दो जाएगी।