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...5 फीट गहरी नींव ऊपर से 25 फीट से अधिक मलबा
चंद्रेश पांडे
Updated Sun, 11 Dec 2016 01:54 AM IST
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रामगढ़ ब्लाक के गागर क्षेत्र में मुख्य सड़क से लगभग 100 मीटर नीचे की ओर पहाड़ से सटी रिटेनिंग वाल की बुनियाद खोद रहे मजदूरों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस दीवार की मजबूती के लिए वह नींव खोद रहे हैं वही उनकी मौत का सबब बन जाएगी।
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हादसा इस कदर दर्दनाक था कि मलबे में दबे मजदूरों को खुद को बचाने के लिए चीख पुकार तक का समय नहीं मिला और देखते ही देखते वह आठों मजदूर 5 फीट गहरी नींव के ऊपर से गिरे लगभग 25 फीट मलबे के ढेर में दफन हो गए।
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दूसरी ओर पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने जिस तेजी के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया उसकी भी प्रशंसा की जानी चाहिए। हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे गागर क्षेत्र के पट्टी पटवारी सुरेश सनवाल बताते हैं कि हादसे के तुरंत बाद गागर, उमागढ व झूतिया समेत आसपास के सैकड़ों ग्रामीण फावड़े, बेलचे और कुदाल आदि लेकर मौके पर पहुंच गए।
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इससे पहले कि ग्रामीणों को कोई दिशा निर्देश मिलते ग्रामीणों ने खुद ही रंस्क्यू अभियान शुरू कर फावड़े और बेलचे की मदद से मिट्टी के ढेर को हटाना शुरू कर दिया। अंधेरा घिरने लगा तो रेस्क्यू अभियान में दिक्कतें आने लगीं।
इसी बीच आनन फानन में पास में स्थित होटल से तार खींचकर मौके पर विद्युत व्यवस्था की गई। एसडीआरएफ के जवानों के मौके पर पहुंचने के बाद रेस्क्यू अभियान में तेजी आई और लगभग तीन घंटे तक चले अभियान के दौरान मलबे में दबे आठों मजदूरों के शवों को निकाल लिया गया।
उमागढ़ के प्रधान सुरेश चंद्र आर्य कहते हैं कि जो मलबे का टीला मजदूरों पर गिरा था वह रोड कटिंग से निकला मलबा था। पूर्व में जब कभी रोड कटिंग हुई होगी तब मजदूरों ने मलबे को सड़क से नीचे की ओर फेंक दिया होगा।
शनिवार को उसी सड़क के नीचे की ओर बुनियाद खुदाई के दौरान इसी मलबे के ढेर ने मजदूरों की जिंदगी लील ली। ग्राम प्रधान आर्य बताते हैं कि जिन मजदूरों की मौत हुई है वह अभी चार-पांच दिन पहले ही झारखंड और लखीमपुर खीरी से यहां मजदूरी करने पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि राजस्व पुलिस और वह स्वयं क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों का सत्यापन करा रहे हैं, लेकिन अभी इन मजदूरों का सत्यापन का काम भी नहीं हुआ था। भवाली के कोतवाल इंद्र सिंह राणा बताते हैं कि हादसे के वक्त तक उक्त मजदूरों ने लगभग 5 फीट गहरी बुनियाद खोद ली थी और वह उसी बुनियाद के भीतर मिट्टी खुदान कर रहे थे।
इसी दौरान उनके ऊपर लगभग 25 फीट से अधिक भारी भरकम टीला आ गिरा। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसे के वक्त इन मजदूरों को न तो खुद को बचाने के लिए पर्याप्त समय ही मिला होगा और न ही वह ज्यादा देर तक चीख पुकार कर सके होंगे।
मरने वालों में दो सगे भाई भी
गागर हादसे में मारे गए मजदूरों में दो सगे भाई भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक अरूण (35) और देवेंद्र (25) दोनों सगे भाई थे। जो कुछ दिन पहले ही झारखंड से यहां मजदूरी करने आए थे।
इन लोगों ने चलाया रेस्क्यू अभियान
पुलिस, प्रशासन, दमकल और एसडीआरएफ के अलावा रेस्क्यू अभियान में स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़ कर योगदान दिया। इनमें उमागढ़ के प्रधान सुरेश चंद्र आर्य समेत विमल पांडे, पंकज आर्या, नीरज पांडे, कैलाश पांडे, नरेंद्र सिंह दरम्वाल, पृथ्वी राज सिंह, त्रिलोक राम आर्या शामिल थे। कुछ देर बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्कर नयाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश आर्या, अनिल आर्या, पुष्कर टम्टा, नरेश दुर्गापाल भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी मलबे में दबे लोगों को निकालने में हर संभव मदद की।
तीन घंटे से अधिक समय तक चला रेस्क्यू अभियान
गागर हादसे के तुरंत बाद ही रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया था, लेकिन अंधेरा घिरने के कारण अभियान में दिक्कतें आ रही थीं। हालाकि बाद में विद्युतापूर्ति सुचारु होने पर अभियान फिर से तेज हो गया था, बावजूद इसके शवों को मलबे से निकालने में तीन घंटे से अधिक का समय लगा।
ठेकेदार की गिरफ्तारी हो: नयाल
जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्कर नयाल ने इस हादसे के लिए प्रशासन और बिल्डरों की मिलीभगत को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यदि चौबीस घंटे के भीतर मौके पर निर्माण करा रहे ठेकेदार और भवन स्वामी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह अपने समर्थकों के साथ जिला मुख्यालय में अनशन शुरू करेंगे। नयाल ने 8 मजदूरों के शवों को एक पिकप में एक के ऊपर एक रखकर ले जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है।
सीएचसी मल्ला रामगढ़ में आज होगा पोस्टमार्टम
गागर क्षेत्र के पट्टी पटवारी सुरेश सनवाल ने बताया कि शनिवार की देर शाम सभी मजदूरों के शवों को सीएचसी मल्ला रामगढ़ में ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि रविवार को मल्ला रामगढ़ स्थित सरकारी अस्पाताल में ही शवों का सामुहिक रूप से पोस्टमार्टम होगा। पीएम के लिए नैनीताल से डाक्टरों की टीम मल्ला रामगढ़ पहुंचेगी।
गागर क्षेत्र में हुए हादसे के मामले की हर पहलू पर जांच होगी। उन्होंने कहा कि जिस भवन की बुनियाद खोदी जा रही थी उसका नक्शा प्राधिकरण से स्वीकृत था या नहीं। साथ ही हाईकोर्ट के दिशा निर्देशों का इस निर्माण कार्य में कितना पालन हो रहा था, इसकी भी जांच कराई जाएगी। यदि नियमों का उल्लंघन कर निर्माण कार्य कराया जा रहा होगा तो संबंधित भवन स्वामी और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। संयुक्त मजिस्ट्रेट को मौके पर भेजकर मामले की पड़ताल के निर्देश दिए गए हैं।
- दीपक रावत जिलाधिकारी नैनीताल।