कुमाऊं में इस बार मानसून का हाल: बागेश्वर जिले में 1959.58 मिमि बरसे मेघ, तराई में 74 करोड़ का नुकसान
इस मानसूनकाल में बारिश ने अब तक सबसे अधिक बागेश्वर जिले को तरबतर किया लेकिन नुकसान ऊधम सिंह नगर जिले में सबसे ज्यादा हुआ है। यहां 74.21 करोड़ की क्षति का आकलन किया गया।
विस्तार
मानसून खत्म होने में अभी करीब तीन सप्ताह शेष हैं। इस मानसूनकाल में बारिश ने अब तक सबसे अधिक बागेश्वर जिले को तरबतर किया लेकिन नुकसान ऊधम सिंह नगर जिले में सबसे ज्यादा हुआ है। यहां 74.21 करोड़ की क्षति का आकलन किया गया।
बागेश्वर जिले में 1959.58 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड की गई। दूसरे नंबर पर नैनीताल जिला रहा। यहां 1320 मिमी बारिश हुई है। सबसे कम अल्मोड़ा जिले को भिगोया। यहां महज 356 मिमी बारिश हुई। मानसूनकाल 15 सितंबर तक रहता है। ऐसे में मौसम विज्ञानी बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की बात कर रहे है। नुकसान की बात करें तो नैनीताल जिले के तपोवन में बादल फटने से देवखड़ी नाले ने 19 अगस्त की रात जमकर तबाही मचाई। दमुवाडूंगा क्षेत्र की तीन कॉलोनियों के 70 घरों में मलबा घुस गया था। क्षेत्र में डेढ़ घंटे में करीब 160 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। वहीं, आठ जुलाई को हुई बारिश से खटीमा में भी बाढ़ जैसे हालात हो गए थे। एक हजार से अधिक परिवार प्रभावित हुए थे।
नैनीताल-
- झील नियंत्रण कक्ष प्रभारी रमेश गैड़ा के मुताबिक इस वर्ष अब तक 1320 एमएम बारिश हो चुकी है।
- जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जून की औसत बारिश 178 मिमी है, जबकि इस बार 97.4 मिमी हुई है। जुलाई में 443 के सापेक्ष 589.4 मिमी और अगस्त में औसत 381 के सापेक्ष 269 मिमी बारिश हुई।
ऊधमसिंह नगर
- आठ जुलाई को सर्वाधिक 943 मिमी वर्षा> रिकॉर्ड की गई, जोकि पिछले छह साल में सर्वाधिक रही। इस दिन खटीमा में 278 और किच्छा में 270 मिमी वर्षा हुई।
- जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के डॉ. आरके सिंह के मुताबिक, जिले में करीब 15.277 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान हुआ है।
कहां कितनी हुई बारिश
जिला बारिश हानि
यूएस नगर 799.08 74.21
बागेश्वर 1959.58 65
नैनीताल 1320 24
पिथौरागढ़ 1117.16 उपलब्ध नहीं
चंपावत 950 49
अल्मोड़ा 356 15
बारिश मिमी में, नुकसान करोड़ रुपये में