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हल्द्वानी इंदिरानगर से बहकर आने वाले गंदे नाले के डायवर्जन को लेकर डॉक्टर बिष्ट ने अधिकारियों से की बैठक
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हल्द्वानी/हल्दूचौड़। लालकुआं विधायक डॉ. मोहन बिष्ट विकास कार्यों को लेकर पूरी तरह रौ में दिखे। चुनाव पूर्व अपनी प्रमुख प्राथमिकता में शामिल इंदिरानगर नाला डायवर्जन को लेकर उन्होंने नगर निगम सभागार में शनिवार को निगम समेत जिम्मेदार अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों से इंदिरानगर नाला निर्माण प्रस्ताव में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली। कहा कि यह उनकी शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। इसे हल किए बगैर वह शांत नहीं बैठेंगे।
शहर के बीचोंबीच गुजरने वाला नाला इंदिरानगर होते हुए गौजाजाली, तल्ली हल्द्वानी, तीनपानी, गोरा पड़ाव, मोतीनगर और मोटाहल्दू की ओर खुले में बहता है। इससे विषाक्त और दूषित पानी लोगों के खेतों, घरों में भर जाता है। नाला डायवर्जन की लंबे समय से मांग की जाती रही है। पूर्व में इसकी डीपीआर भी बनी थी। लेकिन आज तक नाला डायवर्जन का काम शुरू नहीं हो सका है। विधायक डॉ. बिष्ट ने अधिकारियों से अपने स्तर से पूरी तैयारी करने को कहा। ताकि शासन स्तर पर धनराशि अवमुक्त कराई जा सके। नगर निगम सभागार में एसडीएम मनीष कुमार सिंह, नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, सिंचाई और लोनिवि के ईई समेत तमाम अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद विधायक डॉ. बिष्ट ने बताया कि पहले सिंचाई विभाग ने 12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया था। बाद में जलनिगम ने इस नाले को गौला रोखड़ में बन रहे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में मिलाए जाने के लिए 36.5 करोड़ का प्रस्ताव भेजा। इसे मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया गया। मगर आज तक धनराशि नहीं आई। उन्होंने आज पेयजल सचिव से धनराशि जारी कराने को वार्ता की। कहा कि धनराशि रिलीज नहीं हुई तो वह मामला सदन में उठाएंगे। विधायक बिष्ट ने कहा कि वन विभाग कैंपा समेत तमाम योजनाओं में मिल रही धनराशि का उपयोग चोरगलिया, गौलापार के किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान से बचाने के लिए जाने की पहल की जाएगी। उन्होंने बरेली रोड पर गौला खनन के वाहनों का दबाव कम करने के लिए भी गौला से सीधे जंगल-जंगल वाहनों को हल्दूचौड़, लालकुआं की ओर भेजे जाने का प्रस्ताव तत्काल तैयार कराने को कहा। उन्होंने कहा कि बरेली रोड में खनन वाहनों के दौड़ने से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने एसडीएम से एक हफ्ते में इन सभी योजनाओं का फौरी प्रस्ताव देने को कहा है ताकि शासन से अविलंब धन अवमुक्त कराया जा सके।
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शहर के बीचोंबीच गुजरने वाला नाला इंदिरानगर होते हुए गौजाजाली, तल्ली हल्द्वानी, तीनपानी, गोरा पड़ाव, मोतीनगर और मोटाहल्दू की ओर खुले में बहता है। इससे विषाक्त और दूषित पानी लोगों के खेतों, घरों में भर जाता है। नाला डायवर्जन की लंबे समय से मांग की जाती रही है। पूर्व में इसकी डीपीआर भी बनी थी। लेकिन आज तक नाला डायवर्जन का काम शुरू नहीं हो सका है। विधायक डॉ. बिष्ट ने अधिकारियों से अपने स्तर से पूरी तैयारी करने को कहा। ताकि शासन स्तर पर धनराशि अवमुक्त कराई जा सके। नगर निगम सभागार में एसडीएम मनीष कुमार सिंह, नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, सिंचाई और लोनिवि के ईई समेत तमाम अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद विधायक डॉ. बिष्ट ने बताया कि पहले सिंचाई विभाग ने 12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया था। बाद में जलनिगम ने इस नाले को गौला रोखड़ में बन रहे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में मिलाए जाने के लिए 36.5 करोड़ का प्रस्ताव भेजा। इसे मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया गया। मगर आज तक धनराशि नहीं आई। उन्होंने आज पेयजल सचिव से धनराशि जारी कराने को वार्ता की। कहा कि धनराशि रिलीज नहीं हुई तो वह मामला सदन में उठाएंगे। विधायक बिष्ट ने कहा कि वन विभाग कैंपा समेत तमाम योजनाओं में मिल रही धनराशि का उपयोग चोरगलिया, गौलापार के किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान से बचाने के लिए जाने की पहल की जाएगी। उन्होंने बरेली रोड पर गौला खनन के वाहनों का दबाव कम करने के लिए भी गौला से सीधे जंगल-जंगल वाहनों को हल्दूचौड़, लालकुआं की ओर भेजे जाने का प्रस्ताव तत्काल तैयार कराने को कहा। उन्होंने कहा कि बरेली रोड में खनन वाहनों के दौड़ने से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने एसडीएम से एक हफ्ते में इन सभी योजनाओं का फौरी प्रस्ताव देने को कहा है ताकि शासन से अविलंब धन अवमुक्त कराया जा सके।
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