{"_id":"63b076caddd56639aa1628b9","slug":"memorandum-submitted-to-cm-for-filing-review-petition-in-high-court-in-encroachment-case-haldwani-news-hld4871364149","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट में पुर्नविचार याचिका दायर करने के लिए सीएम को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट में पुर्नविचार याचिका दायर करने के लिए सीएम को सौंपा ज्ञापन
विज्ञापन
हल्द्वानी। बनभूलपुरा में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण के मामले में समाजवादी पार्टी के उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर मानवीय पहलुओं पर विचार करने और हाईकोर्ट में सरकार की ओर से पुनर्विचार याचिका दायर करने की बात कही है।
डीएम को सौंपे ज्ञापन में प्रदेश प्रभारी ने कहा कि हल्द्वानी में अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र बनभूलपूरा में पचास हजार से अधिक लोगों के सिर से छत छिनने का खतरा मंडरा रहा है। रेलवे स्टेशन से ट्रेन की पटरी के आसपास वर्ष 2016 में रेलवे ने इसे अपनी भूमि बताते हुए इंदिरानगर तक पिलर बंदी कर दी थी।
सपा नेता ने बताया कि बीते पचास वर्षों से भी ज्यादा समय से लोग बसे हुए हैं। सर्दी के मौसम में घर-मकान टूटने पर हजारों लोग बेघर होकर कहां जाएंगे। कई सरकारी स्कूल, कॉलेज, मंदिर-मस्जिदें भी इसकी जद में हैं। मानवीय दृष्टिकोण से इस मामले को देखा जाना चाहिए। साथ ही सरकार को इन लोगों के लिए हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए ताकि गरीब जनता को राहत मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम को सौंपे ज्ञापन में प्रदेश प्रभारी ने कहा कि हल्द्वानी में अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र बनभूलपूरा में पचास हजार से अधिक लोगों के सिर से छत छिनने का खतरा मंडरा रहा है। रेलवे स्टेशन से ट्रेन की पटरी के आसपास वर्ष 2016 में रेलवे ने इसे अपनी भूमि बताते हुए इंदिरानगर तक पिलर बंदी कर दी थी।
विज्ञापन
सपा नेता ने बताया कि बीते पचास वर्षों से भी ज्यादा समय से लोग बसे हुए हैं। सर्दी के मौसम में घर-मकान टूटने पर हजारों लोग बेघर होकर कहां जाएंगे। कई सरकारी स्कूल, कॉलेज, मंदिर-मस्जिदें भी इसकी जद में हैं। मानवीय दृष्टिकोण से इस मामले को देखा जाना चाहिए। साथ ही सरकार को इन लोगों के लिए हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए ताकि गरीब जनता को राहत मिल सके।
विज्ञापन