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सार्वजनिक शौचालय बनाकर लावारिस छोड़ दिए
दीपक बिष्ट
Updated Mon, 21 Aug 2017 02:18 AM IST
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सार्वजनिक शौचालय
- फोटो : अमर उजाला
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जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में स्वच्छ भारत अभियान शुरू कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तमाम सरकारी महकमे धारी ब्लॉक के भीड़ वाले इलाकों में इस अभियान को पलीता लगा रहे हैं। यहां लाखों खर्च कर स्थानीय लोगों और सैलानियों की सुविधा के लिए शौचालय तो बना दिए गए लेकिन इनका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। एक का ताला नहीं खुल रहा तो दूसरे की हालत बद से बदतर है। लोग खुले में जाने को विवश हैं।
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धारी ब्लॉक के मध्य स्थित भटेलिया कस्बा आसपास के गांवों का जंक्शन है। यहां सुबह से लेकर रात तक खासी भीड़ रहती है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत वर्ष 2014-15 यहां मनरेगा के तहत लगभग ढाई लाख रुपये खर्च कर शौचालय बनाया गया लेकिन विकास खंड की उपेक्षा के चलते उक्त शौचालय न केवल क्षतिग्रस्त हो चुका है बल्कि गंदगी से भी पटा है।
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चारों ओर इतनी दुर्गंध है कि लोगों का पास में स्थित टैक्सी स्टेंड में खड़ा होना भी दूभर होता है। ब्लॉक के अधिकारियों का कहना है कि शौचालय निर्माण के बाद इसकी देखरेख और सफाई का जिम्मा व्यापार मंडल को सौंप दिया गया था जबकि व्यापार मंडल अध्यक्ष नर सिंह गिनवाल कहते हैं कि जब उक्त शौचालय को व्यापार मंडल को हस्तांतरित किया गया, तब इसका निर्माण कार्य अधूरा था।
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उसमें न तो यूरिनल पॉट था। न ही पानी का कनेक्शन। शौचालय की दुर्दशा के चलते भटेलिया बाजार में आने वाले लोगों, सैलानियों और महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। टैक्सी स्टैंड के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह कहते हैं कि स्टेंड में दुर्गंध के चलते गाड़ियों को सवारी बैठाना मुश्किल हो जाता है।
वह बताते हैं कि कई बार स्टेंड के चालक ही क्षेत्र में सफाई करते हैं लेकिन लोग हैं कि फिर से शौचालय के आसपास कूड़ा फेंक जाते हैं। कसियालेख के पास परबड़ा रोड पर भी लाखों रुपये खर्च कर सुलभ शौचालय बनाया गया है लेकिन इस शौचालय के बनने के बाद से ही इसमें ताला लगा है। इसके चलते यहां पहुंचने वाले देशी, विदेशी सैलानियों को भी जरूरत पड़ने पर सुलभ शौचालय की सुविधा नहीं मिलती।