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आपदा में दो हजार करोड़ की सरकारी संपत्ति का नुकसान
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हल्द्वानी। मंडलायुक्त सुशील कुमार ने बताया कि आपदा में अभी तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है। चार लोग लापता हैं। सेना के सात और एक प्राइवेट हेलिकॉप्टर राहत और बचाव कार्य में लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक आकलन में पूरे मंडल में दो हजार करोड़ की सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। इसमें पानी, बिजली, तटबंध, नहरें, वन पुल और सड़कों की का नुकसान शामिल है। जानवरों, फसलों और घरों के नुकसान का आकलन राजस्व से जुड़े अधिकारी कर रहे हैं।
कमिश्नर ने कैंप कार्यालय में पत्रकारों को बताया कि आपदा में बृहस्पतिवार की शाम तक नैनीताल में 34, अल्मोड़ा में 6, चंपावत में 11, बागेश्वर में 5, पिथौरागढ़ में 4 और उधमसिंह नगर में एक व्यक्ति के मौत की पुष्टि हुई है। बाहरी राज्यों के पांच शवों को परिजनों के घरों तक भेजा गया है। अभी तक 36 बीमार और घायलों को उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वायु सेना के सात और एक प्राइवेट हेलिकॉप्टर के माध्यम से 100 लोगों को दूरस्थ क्षेत्र गुंजी, जौली गांव, तेदांग, पिंडारी से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसी तरह जिला प्रशासन, एसडीआरएफ,एनडीआरएफ, सेना के जवानों द्वारा 816 लोगों का रेस्क्यू किया।
पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा
विभिन्न सड़क मार्गों में फंसे 8315 लोगों के अलावा फंसे हुए 7880 पर्यटकों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। रेस्क्यू में एनडीआरएफ की 12, एसडीआरएफ की 10 टीमें, 1500 पुलिस के जवान, तीन यूनिट सेेना जिसमें डोगरा, जैक्लाई और एयर ऑपरेशन की टीमें तैनात की गई हैं। ऊधमसिंह नगर में 15 स्थानों पर लंगर चलाया जा रहा है।
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पेयजल व्यवस्था दुरुस्त, पेट्रोलियम आपूर्ति बहाल होगी
मंडलायुक्त का कहना है कि रामनगर को छोड़कर अन्य सभी स्थानों की पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति के लिए अलग-अलग कंपनियों के अधिकारियों को बुलाया गया है। पेट्रोल-डीजल और गैस की पहाड़ में आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
राशन के लिए मंडी को केंद्र बनाया गया
पहाड़ में राशन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मंडी में गोदाम बनाया गया है। यहां से मंडल के सभी जनपदों को राशन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
दो राष्ट्रीय राजमार्ग अब भी बंद
कमिश्नर ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग खैरना-अल्मोड़ा, टनकपुर-चंपावत मार्ग अभी बंद हैं। दोनों मार्गों पर कार्य तेज गति से किया जा रहा है। भवाली, रामगढ़, शहर फाटक मार्ग भारी वाहनों के लिए खोला गया है।
डीएम को दस-दस करोड़ और मिलेंगे
कमिश्नर ने कहा कि हर जिले के डीएम को आपदा से निपटने के लिए 10-10 करोड़ की धनराशि दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर 10 करोड़ की और धनराशि मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि गोला पुल के शीघ्रता से निर्माण के लिए डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने एनएचएआई को उपखनिज मंगाने की स्वीकृति जारी कर दी है।
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कमिश्नर ने कैंप कार्यालय में पत्रकारों को बताया कि आपदा में बृहस्पतिवार की शाम तक नैनीताल में 34, अल्मोड़ा में 6, चंपावत में 11, बागेश्वर में 5, पिथौरागढ़ में 4 और उधमसिंह नगर में एक व्यक्ति के मौत की पुष्टि हुई है। बाहरी राज्यों के पांच शवों को परिजनों के घरों तक भेजा गया है। अभी तक 36 बीमार और घायलों को उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वायु सेना के सात और एक प्राइवेट हेलिकॉप्टर के माध्यम से 100 लोगों को दूरस्थ क्षेत्र गुंजी, जौली गांव, तेदांग, पिंडारी से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसी तरह जिला प्रशासन, एसडीआरएफ,एनडीआरएफ, सेना के जवानों द्वारा 816 लोगों का रेस्क्यू किया।
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पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा
विभिन्न सड़क मार्गों में फंसे 8315 लोगों के अलावा फंसे हुए 7880 पर्यटकों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। रेस्क्यू में एनडीआरएफ की 12, एसडीआरएफ की 10 टीमें, 1500 पुलिस के जवान, तीन यूनिट सेेना जिसमें डोगरा, जैक्लाई और एयर ऑपरेशन की टीमें तैनात की गई हैं। ऊधमसिंह नगर में 15 स्थानों पर लंगर चलाया जा रहा है।
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पेयजल व्यवस्था दुरुस्त, पेट्रोलियम आपूर्ति बहाल होगी
मंडलायुक्त का कहना है कि रामनगर को छोड़कर अन्य सभी स्थानों की पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति के लिए अलग-अलग कंपनियों के अधिकारियों को बुलाया गया है। पेट्रोल-डीजल और गैस की पहाड़ में आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
राशन के लिए मंडी को केंद्र बनाया गया
पहाड़ में राशन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मंडी में गोदाम बनाया गया है। यहां से मंडल के सभी जनपदों को राशन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
दो राष्ट्रीय राजमार्ग अब भी बंद
कमिश्नर ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग खैरना-अल्मोड़ा, टनकपुर-चंपावत मार्ग अभी बंद हैं। दोनों मार्गों पर कार्य तेज गति से किया जा रहा है। भवाली, रामगढ़, शहर फाटक मार्ग भारी वाहनों के लिए खोला गया है।
डीएम को दस-दस करोड़ और मिलेंगे
कमिश्नर ने कहा कि हर जिले के डीएम को आपदा से निपटने के लिए 10-10 करोड़ की धनराशि दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर 10 करोड़ की और धनराशि मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि गोला पुल के शीघ्रता से निर्माण के लिए डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने एनएचएआई को उपखनिज मंगाने की स्वीकृति जारी कर दी है।