फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Locks on the doors of Ramsay Hospital Nainital

UK: सड़े-गले बिस्तर...जंग लगे ताले, रैमजे अस्पताल की दुर्दशा देख सांसद भी रह गए दंग; फिर मंत्री को किया फोन

Sat, 20 Jun 2026 09:14 AM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: Heera Updated Sat, 20 Jun 2026 09:14 AM IST
सार

नैनीताल में 27 एकड़ में फैला ऐतिहासिक रैमजे अस्पताल पूरी तरह उजाड़ पड़ा है। सभी वार्ड, ओटी और कार्यालयों में ताले लगे हैं, बिस्तर सड़ चुके हैं। क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट ने अचानक निरीक्षण किया तो यह हाल देख हैरान रह गए।

विज्ञापन
Locks on the doors of Ramsay Hospital Nainital
सांसद अजय  भट्ट

विस्तार

 

विज्ञापन

नैनीताल शहर के बीचों-बीच स्थित 27 एकड़ के विशाल परिसर, दर्जनों चिकित्सक व कर्मचारी आवास, मेस, लाउंड्री सहित तमाम सुविधाओं से युक्त विशाल और ऐतिहासिक रैमजे (जीबी पंत) अस्पताल उजाड़ पड़ा है। इसके हर वार्ड, ऑपरेशन थिएटर और कार्यालय में ताले पड़े हैं और किसी इलाज की कोई सुविधा नहीं है। यहां सड़ चुके बिस्तरों में स्वस्थ इंसान लेट जाए तो बीमार पड़ जाए। स्टाफ के नाम पर पांच नर्सिंग स्टाफ, दो फार्मासिस्ट और एक चिकित्सक तैनात हैं। चिकित्सक पीजी डिग्री के लिए लंबी छुट्टी पर हैं, बाकी स्टाफ नदारद है। अस्पताल के खिड़की, दरवाजे और लकड़ी का फर्श गलकर सड़ रहे हैं। अस्पताल अब कभी-कभार केवल फिल्मों या वेबसीरीज की शूटिंग के लिए इस्तेमाल होता है।

क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट शुक्रवार को अचानक इस अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे तो यह हाल देख वह हैरान रह गए। वहां कोई कर्मचारी नहीं, कहीं से एक नर्स आई तो उसने बताया कि यहां इलाज की व्यवस्था, मरीज, डॉक्टर कुछ नहीं हैं। यहां केवल फिल्मों की शूटिंग होती है। भट्ट ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल को फोन कर अस्पताल की दशा सुधारने के लिए तत्काल एक समिति गठित करने का अनुरोध कर डीजी हेल्थ को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। भट्ट ने कहा कि अस्पताल के जीर्णोद्धार के लिए केंद्र से भी मदद दिलवाएंगे।

विज्ञापन

कभी यूपी का बेहतरीन अस्पताल आज है उजाड़
ब्रिटिश काल में 1893 में स्थापित रैमजे अस्पताल, जिसे बाद में जीबी पंत अस्पताल नाम दिया गया, कभी पूरे कुमाऊं मंडल ही नहीं बल्कि देशभर के मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र था। आज अस्पताल सरकारी उपेक्षा, संसाधनों की कमी, स्वास्थ्य तंत्र की असफलताओं का प्रतीक बन गया है। ब्रिटिश शासनकाल के दशकों बाद तक भी रैमजे अस्पताल सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों में गिना जाता था। उस दौर में सीमित चिकित्सा सुविधाओं के बावजूद अस्पताल अनुभवी सर्जनों, चिकित्सकों के कारण प्रसिद्ध था। कुमाऊं, गढ़वाल के साथ देश के अन्य हिस्सों से भी लोग यहां पहुंचते थे। कई नामी सर्जनों की ख्याति इतनी थी कि मरीज विशेष रूप से उन्हीं से ऑपरेशन कराने आते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

हंस फाउंडेशन के भरोसे डायलिसिस सेवा
अस्पताल के एक कमरे में मरीजों के लिए डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसका संचालन, उपकरण और चिकित्सक तक हंस फाउंडेशन ने उपलब्ध कराए हैं।

ये रहे मौजूद
इस अवसर पर गोपाल सिंह रावत, अशोक तिवारी, प्रो. महेंद्र राणा, वार्ड मेंबर पूरन सिंह बिष्ट, मारुती साह, नितिन कार्की, चंदन अधिकारी, दया किशन पोखरिया, खुशबू तिवारी, कंचन वर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

अस्पताल में तैनात एकमात्र चिकित्सक पीजी डिग्री के लिए गए हैं, अस्पताल के सुधार के लिए अनेक प्रस्ताव बनाए गए, लेकिन अभी सब पेंडिंग हैं। - जीएस धर्मसक्तु, एसीएमओ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed