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नए शिक्षा सत्र में शिक्षकों की कमी से पठन पाठन होगा प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो भीमताल
Updated Mon, 10 Apr 2017 01:09 AM IST
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अतिथि शिक्षकों का अनुबंध 31 मार्च को समाप्त होने के बाद दुर्गम क्षेत्र के विद्यालयों में लगभग पचास फीसदी शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इधर, माध्यमिक विद्यालयों में 11 अप्रैल से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत होनी है। ऐसे में अभिभावक अपने पाल्यों के पठन पाठन को लेकर चितिंत हैं।
ओखलकांडा ब्लॉक में वर्तमान में 17 इंटर कॉलेज और 11 हाइस्कूल हैं। इसमें इंटरमीडिएट स्तर पर प्रवक्ताओं के 120 से अधिक पद खाली हैं। हाइस्कूल स्तर पर भी शिक्षकों के लगभग 45 पद रिक्त हैं। एलटी एवं प्रवक्ता संवर्ग पर रिक्तियों की यह संख्या स्थानांतरण की प्रक्रिया के बाद और अधिक बढ़कर 220 के आंकड़े को पार कर जाएगी।
अभिभावक संघर्ष समिति के संयोजक कृष्णानंद कांडपाल का कहना है कि दूरस्थ विद्यालयों में काफी समय से शिक्षकों की कमी रही है। राइंका पश्या के पीटीए अध्यक्ष चंद्रशेखर कुडाई का कहना है कि पदोन्नति के बावजूद अधिकांश शिक्षक दुर्गम व अति दुर्गम स्कूलों में कार्यभार ग्रहण नहीं करते, उल्टा दुर्गम से सुगम में तबादला होने पर तुरंत रिलीव हो जाते हैं। पूर्व प्रधान नारायण सिंह मटियाली, राइंका पतलोट के पीटीए अध्यक्ष घनश्याम पनेरू, एसएमडीसी अध्यक्ष नवीन भट्ट, पूर्व एसएमसी अध्यक्ष बालादत्त परगाई आदि ने शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
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ओखलकांडा ब्लॉक में वर्तमान में 17 इंटर कॉलेज और 11 हाइस्कूल हैं। इसमें इंटरमीडिएट स्तर पर प्रवक्ताओं के 120 से अधिक पद खाली हैं। हाइस्कूल स्तर पर भी शिक्षकों के लगभग 45 पद रिक्त हैं। एलटी एवं प्रवक्ता संवर्ग पर रिक्तियों की यह संख्या स्थानांतरण की प्रक्रिया के बाद और अधिक बढ़कर 220 के आंकड़े को पार कर जाएगी।
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अभिभावक संघर्ष समिति के संयोजक कृष्णानंद कांडपाल का कहना है कि दूरस्थ विद्यालयों में काफी समय से शिक्षकों की कमी रही है। राइंका पश्या के पीटीए अध्यक्ष चंद्रशेखर कुडाई का कहना है कि पदोन्नति के बावजूद अधिकांश शिक्षक दुर्गम व अति दुर्गम स्कूलों में कार्यभार ग्रहण नहीं करते, उल्टा दुर्गम से सुगम में तबादला होने पर तुरंत रिलीव हो जाते हैं। पूर्व प्रधान नारायण सिंह मटियाली, राइंका पतलोट के पीटीए अध्यक्ष घनश्याम पनेरू, एसएमडीसी अध्यक्ष नवीन भट्ट, पूर्व एसएमसी अध्यक्ष बालादत्त परगाई आदि ने शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
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