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31 अक्तूबर से खुलेगा लालकुआं, गौरापड़ाव गेट
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प्रतीकात्मक
हल्द्वानी। गौला क्षेत्र में चुगान शुरू करने के लिए वन निगम 31 अक्तूबर से लालकुआं और गौरापड़ाव गेट को खोलने की तैयारी में है। अन्य चुगान क्षेत्रों में पानी का जमाव होने से चुगान शुरू होने में अभी कुछ और समय लग सकता है।
एक महीने के इंतजार के बाद गौला क्षेत्र में चुगान के लिए वन निगम ने हरी झंडी दिखा दी है। चुगान के लिए वन निगम द्वारा 12 गेट बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त नंधौर क्षेत्र में भी चुगान के लिए निगम द्वारा गेट बनाए गए हैं। ये फिलहाल अभी नहीं खोले जाएंगे। डीएलएम गौला वाईके त्रिपाठी ने बताया कि 31 अक्तूबर से लालकुआं और गौरापड़ाव गेट खोलने का फैसला लिया गया है। अन्य क्षेत्रों में भी पानी का भराव खत्म होने पर जल्द गेट खोले जाऐंगे।
इंसेट
वन विभाग के कंट्रोल रूम से रहेगी वाहनों पर नजर
हल्द्वानी। गौला खनन क्षेत्र में चुगान के लिए खोले गए हर गेट पर जांच के लिए दो-दो सीसीटीवी लगाए गए हैं, लेकिन इस बार वन विभाग और वन निगम ने जांच की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। इसके लिए हल्द्वानी हीरानगर स्थित डीएफओ कार्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा और सभी सीसीटीवी इससे जुड़ेंगे। जिनकी गतिविधियों को एक स्क्रीन पर देखा जा सकेगा और वाहनों पर नजर भी रहेगी।
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एक महीने के इंतजार के बाद गौला क्षेत्र में चुगान के लिए वन निगम ने हरी झंडी दिखा दी है। चुगान के लिए वन निगम द्वारा 12 गेट बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त नंधौर क्षेत्र में भी चुगान के लिए निगम द्वारा गेट बनाए गए हैं। ये फिलहाल अभी नहीं खोले जाएंगे। डीएलएम गौला वाईके त्रिपाठी ने बताया कि 31 अक्तूबर से लालकुआं और गौरापड़ाव गेट खोलने का फैसला लिया गया है। अन्य क्षेत्रों में भी पानी का भराव खत्म होने पर जल्द गेट खोले जाऐंगे।
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वन विभाग के कंट्रोल रूम से रहेगी वाहनों पर नजर
हल्द्वानी। गौला खनन क्षेत्र में चुगान के लिए खोले गए हर गेट पर जांच के लिए दो-दो सीसीटीवी लगाए गए हैं, लेकिन इस बार वन विभाग और वन निगम ने जांच की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। इसके लिए हल्द्वानी हीरानगर स्थित डीएफओ कार्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा और सभी सीसीटीवी इससे जुड़ेंगे। जिनकी गतिविधियों को एक स्क्रीन पर देखा जा सकेगा और वाहनों पर नजर भी रहेगी।
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