लक्ष्मी के लिए ही ‘लक्ष्मी’ का अभाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौरादेवी कन्या धन योजना में लाभान्वित होने वाली लक्ष्मी के लिए ही सरकार के पास ‘लक्ष्मी’ का अभाव हो गया है। वर्ष 2013-2014 का बकाया 17 करोड़ रुपये भी अभी तक नहीं मिला है। जबकि 2015-2016 में सामान्य जाति की छात्राओं को लाभ देने के लिए 53 करोड़ रुपये तो अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए 16 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। राज्य में सामान्य वर्ग के 23,159 और अनुसूचित जाति की 6,449 छात्राएं हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है, यदि शेष धनराशि नहीं मिलती है तो कहीं वर्ष 2013-2014 की राशि की तरह अधर में न लटक जाए।
गौरादेवी कन्या धन योजना के तहत इंटरमीडिएट पास करने वाली छात्राओं को 50 हजार रुपये की एनएससी या एफडी दी जाती है। गौरादेवी कन्या धन योजना में 2013-2014 का सामान्य जाति के लिए 12 करोड़ 88 लाख रुपये नहीं मिला है, जबकि अनुसूचित जाति के लिए चार करोड़ 51 लाख रुपये नहीं मिले हैं। वर्ष 2015-2016 में सामान्य जाति के लाभार्थियों को योजना का लाभ देने के लिए एक अरब 15 करोड़ 89 लाख 50 हजार रुपये की आवश्यकता थी।
शासन से समाज कल्याण विभाग को महज 62 करोड़ रुपये मिले हैं। अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए 32 करोड़ 24 लाख 50 हजार रुपये की आवश्यकता थी। शासन से 15 करोड़ 50 लाख रुपये मिले हैं। सामान्य जाति के लिए अभी 53 करोड़ 79 लाख 50 हजार रुपये और अनुसूचित जाति के लिए 16 करोड़ 74 लाख 50 हजार रुपये की आवश्यकता है। बजट के अभाव के कारण छात्राओं को अभी महज 25 हजार रुपये की किस्त दी गई है।
जिले सामान्य छात्राएं अनुसूचित जाति की छात्राएं
देहरादून 1683 452
हरिद्वार 2221 1258
चमोली 1137 270
रुद्रप्रयाग 1165 223
उत्तरकाशी 1726 490
टिहरी 3566 413
पौड़ी 1584 564
पिथौरागढ़ 1157 426
चंपावत 829 152
अल्मोड़ा 2101 415
बागेश्वर 908 346
नैनीताल 2377 729
ऊधमसिंह नगर 2705 711
===========================
योग :: 23,159 6,449
============================
गौरादेवी कन्या धन योजना के तहत 2015-2016 की बची शेष राशि अनुपूरक बजट में रखी गई है। इस माह के अंत तक शेष राशि मिल सकती है। 2013-2014 की शेष राशि भी इसी माह मिलने का अनुमान है।
-विष्णु सिंह धानिक, निदेशक, समाज कल्याण