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मशीनों का उपखनिज क्रशरों पर आना बंद होने तक होगा विरोध
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सुल्तानपुर पट्टी में प्रदर्शन करते खनन कारोबारी।
- फोटो : KASHIPUR
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सुल्तानपुर पट्टी। ट्रांसपोर्टरों के बढ़ते विरोध को देखते हुए ट्रांसपोर्टर और क्रशर स्वामियों के बीच समझौता हो गया है। खनन स्वामियों की उपखनिज का मूल्य तय करने की मांग पर 47 रुपये प्रति क्विंटल रेट देंगे। इसके अलावा मशीनों से और दूसरे जिलों से उपखनिज मंगाने के लिए क्रशर स्वामियों को अपने वाहनों को इस्तेमाल करना होगा।
दरअसल रविवार को खनन से जुड़े ट्रांसपोर्टरों ने सुरेंद्र जीत घाट पर बैठक की और बैलपड़ाव से मशीनों के जरिये निकाला गया उपखनिज क्षेत्र के क्रशर पर आना बंद होने तक विरोध करने की बात कही। बात नहीं मानने पर क्रशर वालों का खुलकर विरोध करने की बात सहमति भी जताई गई।
उन्होंने कहा कि बैलपड़ाव, जिला नैनीताल में सरकार ने पोकलैंड मशीनों की परमिशन दे रखी है, जो नियम विरुद्ध है। मशीनों से निकाला गया उपखनिज मजदूरों के जरिये निकाले गए उपखनिज से सस्ता पड़ता है। यही वजह है कि स्थानीय क्रशरों पर भी नैनीताल जिले से कोसी नदी का उपखनिज आ रहा है।
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ट्रांसपोटर यशपाल सिंह उर्फ टीटू ने बताया कि पिछले दो साल कोरोना महामारी में जाने से खनन कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ। अब बैलपड़ाव जिला नैनीताल का उपखनिज क्षेत्र में आने से क्रशर स्वामी उसे खरीद रहे हैं, जिससे स्थानीय खनन कारोबारियों और मजदूरों को नुकसान हो रहा है।
उधर, ट्रांसपोर्टरों के बढ़ते विरोध को देखते हुए ट्रांसपोर्टर और क्रशर स्वामियों के बीच बैठक हुई, जिसमें ट्रांसपोटर्स ने मांग की कि उपखनिज का रेट निर्धारित किया जाए और जो मशीनों से उपखनिज आ रहा है उसे बंद किया जाए।
ट्रांसपोर्टर मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू ने बताया कि ट्रांसपोर्टर और क्रशर स्वामियों के बीच हुई बैठक में यह तय हुआ है कि क्रशर स्वामी कोसी नदी के उपखनिज का 47 रुपये प्रति क्विंटल रेट देंगे। साथ ही मशीनों के जरिये किया जा रहा उपखनिज मंगाने के लिए क्रशर स्वामियों को अपने वाहनों को इस्तेमाल करना होगा।
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दरअसल रविवार को खनन से जुड़े ट्रांसपोर्टरों ने सुरेंद्र जीत घाट पर बैठक की और बैलपड़ाव से मशीनों के जरिये निकाला गया उपखनिज क्षेत्र के क्रशर पर आना बंद होने तक विरोध करने की बात कही। बात नहीं मानने पर क्रशर वालों का खुलकर विरोध करने की बात सहमति भी जताई गई।
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उन्होंने कहा कि बैलपड़ाव, जिला नैनीताल में सरकार ने पोकलैंड मशीनों की परमिशन दे रखी है, जो नियम विरुद्ध है। मशीनों से निकाला गया उपखनिज मजदूरों के जरिये निकाले गए उपखनिज से सस्ता पड़ता है। यही वजह है कि स्थानीय क्रशरों पर भी नैनीताल जिले से कोसी नदी का उपखनिज आ रहा है।
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ट्रांसपोटर यशपाल सिंह उर्फ टीटू ने बताया कि पिछले दो साल कोरोना महामारी में जाने से खनन कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ। अब बैलपड़ाव जिला नैनीताल का उपखनिज क्षेत्र में आने से क्रशर स्वामी उसे खरीद रहे हैं, जिससे स्थानीय खनन कारोबारियों और मजदूरों को नुकसान हो रहा है।
उधर, ट्रांसपोर्टरों के बढ़ते विरोध को देखते हुए ट्रांसपोर्टर और क्रशर स्वामियों के बीच बैठक हुई, जिसमें ट्रांसपोटर्स ने मांग की कि उपखनिज का रेट निर्धारित किया जाए और जो मशीनों से उपखनिज आ रहा है उसे बंद किया जाए।
ट्रांसपोर्टर मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू ने बताया कि ट्रांसपोर्टर और क्रशर स्वामियों के बीच हुई बैठक में यह तय हुआ है कि क्रशर स्वामी कोसी नदी के उपखनिज का 47 रुपये प्रति क्विंटल रेट देंगे। साथ ही मशीनों के जरिये किया जा रहा उपखनिज मंगाने के लिए क्रशर स्वामियों को अपने वाहनों को इस्तेमाल करना होगा।