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जिला पंचायत के टेंडर अनुबंध की शर्तो का पालन नहीं कर अपनों को पहुंचाया लाभ
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हल्द्वानी। वर्ष 2020 में जिला पंचायत की ओर से हुए लगान, ढुलान और चुंगी मामले में संबंधित ठेकेदार की ओर से जमानत राशि के 18, 43 862 रुपये दो साल में भी जमा नहीं किए गए हैं। यह जानकारी सूचना के अधिकार में प्राप्त हुई है।
आरटीआई कार्यकर्ता रवि शंकर जोशी की ओर से मांगे गए सूचना अधिकार में लोक सूचना अधिकारी अपर मुख्य अधिकारी की ओर से बिंदु 17 के आधार पर स्पष्ट किया गया है कि लदान-ढुलान का उक्त ठेका जिला पंचायत अध्यक्ष ने स्वीकृत किया है। जमानत राशि के 18, 43 862 रुपयों में अब तक केवल 10 लाख रुपया ही जमा कराया गया है। नियमानुसार बिंदु संख्या 14 में लिखा है कि माह के पहले सप्ताह में ठेकेदार की ओर से किश्त जमा न करने की दशा में जमानत राशि से पैसा काटा जाएगा। यही नहीं तीन माह तक किश्त जमा न होने की दशा में टेंडर निरस्त करने और जमा धनराशि को भी जब्त करने का नियम है। लेकिन दो साल में न जमानत राशि जमा हो सकी और न टेंडर निरस्त हुए। दो साल में नया टेंडर भी नहीं हुआ और उसी टेंडर को आगे बढ़ा दिया गया है।
संबंधित ठेकेदार का एक जनवरी 2021 से 22 मार्च 2022 तक का टेंडर था। जिसमें इन्होंने सिर्फ 10 लाख रुपया ही जमा किया है, जबकि बकाया 64 लाख से अधिक है। अब तक तीन नोटिस दिए जा चुके हैं। चौथा नोटिस जिला ठेकेदार का टेंडर बर्खास्त करने को लेकर पंचायत अध्यक्ष को दिया गया है। इसमें अध्यक्ष ने ठेकेदार को 15 दिन का समय और दे दिया है जिसका समय अब पूरा होने वाला है। जल्द ही ठेकेदार का टेंडर बर्खास्त कर दिया जाएगा। - पान सिंह बिष्ट, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
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आरटीआई कार्यकर्ता रवि शंकर जोशी की ओर से मांगे गए सूचना अधिकार में लोक सूचना अधिकारी अपर मुख्य अधिकारी की ओर से बिंदु 17 के आधार पर स्पष्ट किया गया है कि लदान-ढुलान का उक्त ठेका जिला पंचायत अध्यक्ष ने स्वीकृत किया है। जमानत राशि के 18, 43 862 रुपयों में अब तक केवल 10 लाख रुपया ही जमा कराया गया है। नियमानुसार बिंदु संख्या 14 में लिखा है कि माह के पहले सप्ताह में ठेकेदार की ओर से किश्त जमा न करने की दशा में जमानत राशि से पैसा काटा जाएगा। यही नहीं तीन माह तक किश्त जमा न होने की दशा में टेंडर निरस्त करने और जमा धनराशि को भी जब्त करने का नियम है। लेकिन दो साल में न जमानत राशि जमा हो सकी और न टेंडर निरस्त हुए। दो साल में नया टेंडर भी नहीं हुआ और उसी टेंडर को आगे बढ़ा दिया गया है।
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संबंधित ठेकेदार का एक जनवरी 2021 से 22 मार्च 2022 तक का टेंडर था। जिसमें इन्होंने सिर्फ 10 लाख रुपया ही जमा किया है, जबकि बकाया 64 लाख से अधिक है। अब तक तीन नोटिस दिए जा चुके हैं। चौथा नोटिस जिला ठेकेदार का टेंडर बर्खास्त करने को लेकर पंचायत अध्यक्ष को दिया गया है। इसमें अध्यक्ष ने ठेकेदार को 15 दिन का समय और दे दिया है जिसका समय अब पूरा होने वाला है। जल्द ही ठेकेदार का टेंडर बर्खास्त कर दिया जाएगा। - पान सिंह बिष्ट, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
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