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40 परिवार खतरे की जद में, विस्थापन के निर्देश
प्रकाश नैनवाल, कालाढूंगी (नैनीताल)।
Updated Thu, 07 Jul 2016 01:14 AM IST
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40 परिवारों को विस्थापन आदेश
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील कालाढूंगी के अंतर्गत निवास करने वाले 40 परिवार खतरे की जद में हैं। नालो के किनारे आवास बना कर रह रहे इन परिवारों को प्रशासन ने अन्यत्र विस्थापित होने का फरमान जारी कर दिया है।
गौरतलब है कि तहसील कालाढूंगी के अंतर्गत चालीस ऐसे परिवार हैं जो बरसाती नालों के आसपास निवास कर रहे हैं।
जिनको बरसात के मौसम में इन बरसाती नालों में आने वाली बाढ़ से खतरा बना हुआ है। जिनकी रिपोर्ट राजस्व निरीक्षकों द्वारा तैयार कर शासन को भेज दी गयी है। शासन को भेजी गयी रिपोर्ट में कहा गया है कि तहसील के अंतर्गत चकलुआ के पास बहने वाले बरसाती नाले सूरपुर नाला, रतनपुर नाला व कालाढूंगी के वार्ड नं एक स्थित मेथीशाह नाले, बैलपड़ाव के पास बहने वाला करकट नाले, कालीगाढ़ नाले के आसपास लगभग 40 परिवार आवास बनाकर रह रहे हैं।
पहाड़ों में बारिश होने पर इन नालों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। जिस कारण नालो के आसपास रह रहे इन परिवारों पर बाढ़ में बहने का खतरा बना रहता है। खतरे के मद्देनजर इन परिवारों को प्रशासन ने अन्यत्र विस्थापित होने के आदेश जारी कर दिये गये हैं।
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कोट
प्रशासन द्वारा तहसील क्षेत्र में जीआईसी कोटाबाग, जीआईसी कालाढूंगी व जीआईसी बैलपड़ाव को बाढ़ राहत शिविर केंद्र बनाया गया है, जहां पर बाढ़ पीड़ितों को रखा जाएगा। नालों के किनारे रह रहे परिवारों का चिन्हीकरण किया जा रहा है। चिह्नित किये गये परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कह दिया गया है, जिससे जानमाल के नुकसान से बचा जा सके।
- अशोक जोशी एसडीएम कालाढूंगी।
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गौरतलब है कि तहसील कालाढूंगी के अंतर्गत चालीस ऐसे परिवार हैं जो बरसाती नालों के आसपास निवास कर रहे हैं।
जिनको बरसात के मौसम में इन बरसाती नालों में आने वाली बाढ़ से खतरा बना हुआ है। जिनकी रिपोर्ट राजस्व निरीक्षकों द्वारा तैयार कर शासन को भेज दी गयी है। शासन को भेजी गयी रिपोर्ट में कहा गया है कि तहसील के अंतर्गत चकलुआ के पास बहने वाले बरसाती नाले सूरपुर नाला, रतनपुर नाला व कालाढूंगी के वार्ड नं एक स्थित मेथीशाह नाले, बैलपड़ाव के पास बहने वाला करकट नाले, कालीगाढ़ नाले के आसपास लगभग 40 परिवार आवास बनाकर रह रहे हैं।
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पहाड़ों में बारिश होने पर इन नालों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। जिस कारण नालो के आसपास रह रहे इन परिवारों पर बाढ़ में बहने का खतरा बना रहता है। खतरे के मद्देनजर इन परिवारों को प्रशासन ने अन्यत्र विस्थापित होने के आदेश जारी कर दिये गये हैं।
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प्रशासन द्वारा तहसील क्षेत्र में जीआईसी कोटाबाग, जीआईसी कालाढूंगी व जीआईसी बैलपड़ाव को बाढ़ राहत शिविर केंद्र बनाया गया है, जहां पर बाढ़ पीड़ितों को रखा जाएगा। नालों के किनारे रह रहे परिवारों का चिन्हीकरण किया जा रहा है। चिह्नित किये गये परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कह दिया गया है, जिससे जानमाल के नुकसान से बचा जा सके।
- अशोक जोशी एसडीएम कालाढूंगी।