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भू-माफिया द्वारा अवैध तरीके से पेडों का कटान किए जाने पर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने विकासनगर में कुछ भू-माफिया की ओर से अवैध तरीके से पेड़ों का कटान करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद डीएम देहरादून, एसडीएम विकासनगर और डीएफओ कालसी को मौके का मुआयना कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पूछा है कि इन्होंने वन विभाग से कोई अनुमति ली है या नहीं। यदि नहीं ली गई है तो इनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। विकासनगर देहरादून निवासी राकेश तोमर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि विकासनगर में कुछ भू-माफियाओं की ओर से अवैध तरीके से पेड़ों का कटान किया जा रहा है। याचिका में कहा कि लोगों ने इसकी शिकायत भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। याचिका में कहा कि अथॉरिटी की ओर से कम मात्रा में पेड़ों का कटान दिखाया गया है, जबकि वहां लगभग डेढ़ सौ पेड़ काट दिए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने इस संबंध में डिटेल रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने की मांग की थी कि वहां पर कितने पेड़ काटे गए हैं। भू-माफियाओं की ओर से जमीन को लेबल कराने के नाम पर पेड़ों का कटान किया गया है। कहा कि तहसीलदार की जो रिपोर्ट साइन की है, उसमें लिखा था कि कोई पेड़ नहीं है। याचिकाकर्ता ने इस प्रकरण की जांच कराने की मांग की थी। याचिका में कहा कि साल के कई पेड़ों का कटान किया गया है।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। विकासनगर देहरादून निवासी राकेश तोमर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि विकासनगर में कुछ भू-माफियाओं की ओर से अवैध तरीके से पेड़ों का कटान किया जा रहा है। याचिका में कहा कि लोगों ने इसकी शिकायत भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। याचिका में कहा कि अथॉरिटी की ओर से कम मात्रा में पेड़ों का कटान दिखाया गया है, जबकि वहां लगभग डेढ़ सौ पेड़ काट दिए गए हैं।
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याचिकाकर्ता ने इस संबंध में डिटेल रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने की मांग की थी कि वहां पर कितने पेड़ काटे गए हैं। भू-माफियाओं की ओर से जमीन को लेबल कराने के नाम पर पेड़ों का कटान किया गया है। कहा कि तहसीलदार की जो रिपोर्ट साइन की है, उसमें लिखा था कि कोई पेड़ नहीं है। याचिकाकर्ता ने इस प्रकरण की जांच कराने की मांग की थी। याचिका में कहा कि साल के कई पेड़ों का कटान किया गया है।
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