फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   In the stone crusher case, the High Court sought answers from the state government and other parties

स्टोन क्रशर मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार समेत अन्य पक्षों से मांगा जवाब

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 10 Sep 2021 02:20 AM IST
विज्ञापन
In the stone crusher case, the High Court sought answers from the state government and other parties
नैनीताल। हाईकोर्ट ने पौड़ी जिले की श्रीनगर तहसील के कांडा रामपुर में अलकनंदा स्टोन क्रशर लगाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद स्टोन क्रशर, राज्य पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, राज्य सरकार व जियोलॉजिकल माइनिंग को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार श्रीनगर निवासी नरेंद्र सिंह सिंघवाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि अलकनंदा स्टोन क्रशर, स्टोन क्रशर पॉलिसी 2020 व पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की नियमावली के विरुद्ध लगाया गया है। सरकार ने इसे पॉलिसी तथा हाईकोर्ट के बार-बार दिए गए निर्णयों के विपरीत जाकर लगाने की अनुमति दी है। याचिका में कहा कि इस मामले में अपर जिलाधिकारी स्तर पर हुई जांच के बाद रिपोर्ट में बताया गया था कि वहां पर स्टोन क्रशर एवं भंडारण के कारण नजदीकी गांव के पेयजल स्रोत, सिंचाई नहरों और जंगली जानवरों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
विज्ञापन

याचिका में कहा कि प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने इसके खिलाफ जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड उत्तराखंड व सरकार को ज्ञापन भी दिया लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। याचिकाकर्ता ने स्टोन क्रशर के संचालन पर रोक लगाने की प्रार्थना की थी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार समेत अन्य पक्षों से जवाब मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed