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Nainital News: नैनीताल जिले में एक भी कॉलोनाइजर ने दो साल में कॉलोनी का नहीं कराया नक्शा पास

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 11 Jan 2023 07:30 AM IST
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In Nainital district, not a single colonizer has passed the map of the colony in two years
हल्द्वानी। नैनीताल जिले में मानकों का उल्लंघन कर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। इन कॉलोनियों में न मानकों के अनुसार सड़क है और न ड्रेनेज सिस्टम का ध्यान रखा जा रहा है। जिला विकास प्राधिकरण से कॉलानियों का नक्शा भी पास नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में अपनी खुशियों का आशियाना बनाने की चाह रखने वाले लोग इन अवैध कॉलोनियों में प्लॉट लेकर खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। दो साल के आंकड़ों की बात करें तो जिले में एक भी कॉलोनी का पंजीकरण न तो प्राधिकरण में हुआ है और न ही रेरा में। जिला विकास प्राधिकरण छह माह के भीतर 11 कालोनियों की खरीद फरोख्त पर रोक लगा चुका है। प्राधिकरण ने तहसील प्रशासन से छह कॉलोनियों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए उनका खसरा-खाता नंबर भी मांगा है।
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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 90 प्रतिशत कॉलोनियों अवैध रूप से काटकर बेची जा रही हैं। हल्द्वानी, लालकुआं, गौलापार, कालाढूंगी, और रामनगर विधानसभा क्षेत्रों में करीब 45 कॉलोनियां अवैध रूप से काटी गई हैं। अधिकतर कॉलोनियों की सड़कें 10 से 14 फुट चौड़ाई की हैं जबकि न्यूनतम चौड़ाई 20 फुट होनी चाहिए। कॉलोनाइजर कॉलोनी में पेयजल, सड़क, पार्क, जल निकासी और बिजली की व्यवस्था भी नहीं कर रहे हैं। कॉलोनी का नक्शा तक पास नहीं कराया जा रहा है। कई जगह कॉलोनाइजर कॉलोनी काटने के दौरान दिखाई गई सड़क और पार्क तक बेच दे रहे हैं। इससे लोग खुलेआम ठगे जा रहे हैं।
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इन कॉलोनियों की खरीद फरोख्त पर लग चुकी है रोक -
- कुंवरपुर गौलापार में दो कॉलोनी
- भगवानपुर जय सिंह हल्द्वानी
- कमलुवागांजा नरसिंह तल्ला हल्द्वानी में दो कॉलोनी
- कमलुवागांजा नरसिंह हल्द्वानी
- देवला तल्ला पजाया गौलापार
- नयागांव चौहान तहसील रामनगर
- शिवलाललपुर पांडे रामनगर
- बैड़ाझाला रामनगर
- गोकुलधाम चिल्किया टांडा रामनगर
यहां जमीन की खरीद-फरोख्त की रोक लगाने के लिए मांगा गया है खसरा नंबर -
- कोटद्वार रोड चोरपानी रामनगर
- टांडामल्लू में मदर ग्लोरी पब्लिक स्कूल के पास
- टांडामल्लू माता मंदिर के पास
- शिवलालपुर चुंगी रामनगर कानिया रोड पर मंडी समिति से लगती हुई प्लाटिंग
- शिवलालपुर रिउरिया रामनगर
- तेलीपुरा रामनगर
कॉलोनाइजर कमा रहे हैं मोटा मुनाफा
हल्द्वानी। कॉलोनाइजर कॉलोनी काटकर मोटा फायदा ले रहे हैं। कॉलोनी में महंगे दामों में प्लाट लेने के बाद भी लोग सड़क, बिजली, पानी के लिए प्रशासन, विधायक के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
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ऐसे खेला जाता है खेल
हल्द्वानी। कॉलोनाइजर एक स्टांप पर किसान की जमीन क्रय करता है। जमीन स्वामी को पहले कुल राशि का मात्र 25 प्रतिशत तक दिया जाता है। साथ ही पूरी रकम देने के लिए छह महीने से दो वर्ष का समय लिया जाता है। जैसे-जैसे कॉलोनाइजर प्लाट बेचता है। जमीन स्वामी ही उसकी रजिस्ट्री करवाता है। इससे कॉलोनाइजर छुपकर पीछे से काम करता है।
ये हैं कॉलोनियों के मानक -
-कॉलोनी का नक्शा तभी पास हो सकता है जब वह भूमि 143 में दर्ज हो।
- कॉलोनियों को काटने से पूर्व उसका नक्शा जिला विकास प्राधिकरण से पास कराना होता है।
- 500 से 2000 वर्गमीटरतक के भूखंडों के लिए आंतरिक मार्ग की चौड़ाई 7.5 मीटर होनी चाहिए।
- 2000 से 4000 वर्गमीटर तक के भूखंड पर मुख्य मार्ग की चौड़ाई नौ मीटर होनी चाहिए। आंतरिक मार्गों की चौड़ाई 7.5 मीटर होनी चाहिए।
- कॉलोनी की कुल भूमि का 10 प्रतिशत क्षेत्रफल का पार्क होना चाहिए।
- हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू करने पर सीवर, पेयजल, विद्युत, ड्रेनेज के भी इंतजाम करने होंगे।
- 500 वर्गमीटर से 2000 वर्ग मीटर भूखंड पर हाउसिंग के लिए आंतरिक मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 7.5 मीटर होनी चाहिए।
- कॉलोनी काटने से पहले पानी, सड़क, पार्क, बिजली की व्यवस्था करनी है। इसके बाद ही कॉलोनाइजर प्लाट बेच सकता है।
- निर्धन परिवारों (ईडब्लूएस) के लिए कुल भूमि का पांच प्रतिशत आरक्षित रखी जाएगी।
- 500 से 2000 वर्गमीटर के प्लाटों के लिए मानचित्र ले-आउट प्लान को स्वीकृत कराने के लिए एक लाख और दो हजार से चार हजार के लिए दो लाख प्रोसेसिंग शुल्क जमा करना होगा।
ये हो रहा है नुकसान-
- शहर का अनियोजित विकास हो रहा है।
- कॉलोनी में आठ से लेकर 30 फुट के कच्चे मार्ग हैं। छोटी सड़कों पर वाहन नहीं जा पा रहे हैं।
- पेयजल, बिजली, सड़क, नाली बनाने का प्रशासन पर दबाव है।
- मुनाफा प्रापर्टी डीलर उठा रहे हैं और विकास का दबाव जन प्रतिनिधियों और सरकार पर है।
दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर लोग
केस एक -
मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में एक शिक्षिका पहुंची। उसने कहा कि गौलापार में उसने एक प्लाट लिया हुआ है। वहां वह मकान बनाना चाह रही है लेकिन प्राधिकरण नक्शा पास नहीं कर रहा है। कहा कि इस कारण उसे मकान के लिए लोन नहीं मिल पा रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने बताया कि उस कॉलोनी में प्राधिकरण ने रोक लगा दी है। इस कारण नक्शा पास नहीं हो सकता वह फूट-फूटकर रोने लगी।
केस दो -
बद्रीपुरा वार्ड नंबर पांच निवासी एक व्यक्ति सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचा। उसने कहा कि वह बनभूलपुरा क्षेत्र में रहता है। रेलवे अतिक्रमण में उसका मकान टूट रहा है। कहा कि उसने देवला तल्ला पजाया गौलापार में एक प्लाट खरीदा था। अब तहसील प्रशासन उसकी दाखिल खारिज नहीं कर रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि इस जमीन की खरीद-फरोख्त पर डीएम ने रोक लगा दी है। इस कारण दाखिल खारिज नहीं हो रहा है।
केस तीन -
हल्द्वानी निवासी एक व्यक्ति सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचा। उसने कहा कि उसने भगवानपुर जयसिंह में उसने एक प्लाट का सौदा किया हुआ था। कहा कि आज अखबार पढ़कर पता चला कि प्राधिकरण ने इस जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है।

जमीन लेने से पहले ये देखें -
- कॉलोनी का प्राधिकरण या रेरा में रजिस्ट्रेशन हैं या नहीं।
- जिला प्रशासन या प्राधिकरण ने कॉलोनी में रोक तो नहीं लगाई है।
- जमीन की तहसील से पूरी जानकारी प्राप्त करें।
- कॉलोनी में बिजली, पानी, सड़क की क्या व्यवस्था है।
कॉलोनाइजर ने दो सालों में एक भी कॉलोनी एप्रूव नहीं कराई है। जमीन की 143 नहीं होने पर नक्शा पास नहीं किया जा रहा है। प्राधिकरण अवैध कॉलोनियों में कार्रवाई कर रहा है। - ऋचा सिंह संयुक्त सचिव जिला विकास प्राधिकरण
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