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सौ स्क्वायर मीटर का प्लाट खरीदा तो 13 लाख अधिक खर्च करने पड़ेंगे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2020 02:24 AM IST
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If you buy a hundred square meter plot, you will have to spend 1.3 million more
बड़े हुए सर्किल रेटों के विरोध में हल्द्वानी बुद्धपार्क में धरना प्रदर्शन करते हल्द्वानी क्षेत?
हल्द्वानी। सर्किल रेट बढ़ने के बाद आम आदमी का घर बनाने का सपना अब सपना ही रह जाएगा। सौ स्क्वायर मीटर का प्लाट खरीदने के लिए अब आपको 13 लाख रुपये अधिक खर्च करने पड़ेंगे।
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जयपुर पाडली (कठघरिया से लामाचौड़ चौराहे तक वाया फतेहपुर) तक एक हेक्टेयर कृषि भूमि के पुराने रेट 58 लाख रुपये थे और अब 2 करोड़ 10 लाख रुपये देने पड़ेंगे। एक हेक्टेयर कृषि भूमि पर 1 करोड़ 52 लाख रुपये की वृद्धि हुई है। शून्य से पचास मीटर तक सौ स्क्वायर मीटर के प्लाट का पुराना रेट 7 लाख 35 हजार रुपये था और अब बढ़कर 21 लाख रुपये हो गया है। आपको सौ स्क्वायर मीटर का प्लाट खरीदने के लिए 13 लाख 65 हजार रुपये अधिक खर्च करने होंगे। पचास से दो सौ मीटर तक सौ स्क्वायर मीटर के पुराने रेट 5 लाख 46 हजार रुपये थे, जो अब 15 लाख 75 हजार रुपये हो गए हैं।
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दानीबंगर ग्रामीण गौलापार में एक हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए 1 करोड़ 70 लाख रुपये खर्च करने होंगे, जबकि पुराने रेट 50 लाख रुपये थे। शून्य से पचास मीटर तक सौ स्क्वायर मीटर के प्लाट के लिए 6 लाख 30 हजार रुपये देने होते थे और स्टांप ड्यूटी 31 हजार पांच सौ रुपये थी। स्टांप ड्यूटी भी बढ़कर बढ़कर 47 हजार 250 रुपये हो गई है। सर्किल रेट बढ़ने के बाद 9 लाख 45 हजार रुपये खर्च करने होंगे।
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प्लाट के लिए 3 लाख 15 हजार रुपये अधिक खर्च करने होंगे। पचास से दो सौ मीटर तक सौ स्क्वायर मीटर के प्लाट के लिए 4 लाख 72 हजार 500 रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब 7 लाख 87 हजार 500 रुपये खर्च करने होंगे। साथ ही स्टांप ड्यूटी भी 23 हजार 625 रुपये से बढ़कर 39 हजार 375 रुपये हो
बढ़े हुए सर्किल रेट वापस लेने को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को दिया ज्ञापन समिति के सचिव बोले पिछले दो वर्षों में राज्य की जितनी जीडीपी बढ़ी है उसी के बराबर सर्किल रेट बढ़ा ले सरकार
बढ़े हुए सर्किल रेट वापस लेने के लिए हल्द्वानी क्षेत्रीय संघर्ष समिति के पदाधिकारी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत से मिले और ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में कहा गया कि वास्तविक बाजार मूल्य से जमीन के कई गुना रेट बढ़ा दिए गए हैं। बढ़े हुए रेट पूरी तरह अव्यवहारिक हैं। मूल्यांकन समिति के पदाधिकारियों ने किन मानकों के तहत सर्किल रेट में बेतहाशा वृद्धि की है। बढ़े हुए सर्किल रेटों को कम कराया जाए।
ज्ञापन देने वालों में उमेश नैनवाल, आशू जोशी, प्रमोद तोलिया, दिनेश नैनवाल, बब्बू भाई, कुलदीप कुल्याल, दयाल बिष्ट, हीरा बिष्ट, मनोज बिष्ट, योगेश पांडे, हिमांशु नैनवाल, राजू बुधानी आदि थे। दूसरी ओर समिति का बुद्ध पार्क में धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। समिति के संयोजक ललित जोशी ने कहा पिछले दो वर्षों में राज्य की जितनी जीडीपी बढ़ी है उसी के बराबर सर्किल रेट बढ़ा दिए जाएं।
बढ़े सर्किल रेट के विरोध में नेता प्रतिपक्ष को दिया ज्ञापन
बेतहाशा सर्किल रेट बढ़ाए जाने के विरोध में जमीन कारोबारियों और व्यापारियों ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश को ज्ञापन दिया। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर सर्किल रेट के बारे में जानकारी दी। डॉ. हृदयेश को भवन नक्शा पास करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सर्किल रेट का पांच प्रतिशत और शहरी क्षेत्र का एक प्रतिशत शुल्क मामले को लेकर भी नगर विकास मंत्री और मुख्य सचिव से फोन पर बात की।

डॉ. हृदयेश ने कहा कि कांग्रेस का एक शिष्टमंडल शीघ्र ही एआईसीसी सदस्य सुमित हृदयेश के नेतृत्व में मुख्य सचिव से मिलकर सर्किल रेटों की विसंगति के बारे में बताएगा। दूसरी ओर सुमित हृदयेश ने जिलाधिकारी से मिलकर सर्किल रेट की समस्या पर विस्तार से बात की। इस दौरान महेश शर्मा, कुंदन सिंह बोहरा, लक्ष्मण सिंह चुफाल, परमजीत सिंह, हेम पांडे, संजय शाही, कमल भट्ट, त्रिभुवन जोशी खीमानंद शर्मा आदि थे।
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