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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   If treatment is to get to know the spirit survives

इलाज मिल जाता तो बच जाती भावना की जान

Thu, 23 Jul 2015 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/नैनीताल।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/नैनीताल। Updated Thu, 23 Jul 2015 01:23 AM IST
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मंगलवार को डीएसबी परिसर की पांच छात्राओं को शराबी कार सवार द्वारा कुचलने और इसमें से एक छात्रा की मौत से गुस्साए छात्रों  ने बुधवार को नैनीताल की सड़कों पर प्रदर्शन किया और जाम लगाया।

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साथ ही अस्पताल में भी हंगामा काटा। छात्रों का कहना था कि यदि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं बेहतर होतीं तो भावना की जान बच जाती।


उन्होंने छात्राओं के इलाज में बीडी पांडे अस्पताल के डॉक्टरों पर भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। बीडी पांडे अस्पताल के पीएमएस को हटाने के बाद ही छात्रों ने जाम खोला। छात्रा की मौत के विरोध में डीएसबी परिसर बंद रहा।
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मंगलवार को नशे में धुत एक कार सवार ने पांच छात्राओं को टक्कर मार दी थी। इसमें से एमएससी की छात्रा भावना बोरा की मौत हो गयी थी।

इससे गुस्साए छात्र बुधवार को सड़कों पर उतर आए। उन्होंने बीडी पांडे जिला अस्पताल में हंगामा किया। छात्रों का कहना था कि पीएमएस की लापरवाही के कारण ही छात्रा की जान गई।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पीएमएस ने समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई और इलाज में लापरवाही बरती है। बीडी पांडे अस्पताल के बाद छात्र मल्लीताल रिक्शा स्टैंड पर पहुंचे।

उन्होंने पीएमएस को तत्काल हटाने और बीडी पांडे अस्पताल में 24 घंटे एंबुलेंस सेवा मुहैया कराए जाने की मांग को लेकर 11.30 बजे रिक्शा स्टैंड के पास जाम लगा दिया।

छात्र वहीं धरने पर बैठ गए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के समझाने के बावजूद वे मांग पूरी हुए बिना जाम खोलने को तैयार नहीं हुए।


एडीएम उदय सिंह राणा से छात्रों को काफी समझाने का प्रयास भी किया लेकिन वह टस से मस नहीं हुए। बाद में निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कुमाऊं डा. एलएम उप्रेती छात्रों से वार्ता करने पहुंचे। संतुष्ट नहीं होने पर छात्रों ने उन पर भी कई आरोप जड़ दिए।

 उन्होंने कहा कि पीएमएस को नहीं हटाया गया तो आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। 3.30 बजे महानिदेशक स्वास्थ्य से फोन पर मिले आदेश की सूचना लेकर डा. उप्रेती दोबारा धरना स्थल पर पहुंचे।

उन्होंने बीडी पांडे जिला अस्पताल के पीएमएस जीबी बिष्ट को अपने कार्यालय में अटैच करने के आदेश की लिखित में छात्रों को जानकारी दी। लिखित पत्र प्राप्त होने पर छात्रों ने जाम खोल दिया।

बीडी पांडे अस्पताल के पीएमएस को निदेशक हेल्थ कार्यालय से अटैच किए जाने के बाद महिला अस्पताल की सीएमएस डा. विनीता साह को इस अस्पताल का भी अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। अग्रिम आदेशों तक वह बीडी पांडे अस्पताल की व्यवस्थाएं संभालेंगी।


महानिदेशक के निर्देश के बाद अब बीडी पांडे जिला अस्पताल में 24 घंटे एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध रहेगी। छात्रों ने पीएमएस को हटाने और 24 घंटे एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठाई थी।

पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दिनभर कोई निर्णय नहीं ले सके। जिस कारण पर्यटकों के साथ ही आम लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।

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