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वंदना को सिविल सेवा परीक्षा में मिली 83वीं रैंक
अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर।
Updated Sat, 21 May 2016 01:11 AM IST
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आईएएस में चयनित
- फोटो : अमर उजाला
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रामनगर। यदि मजबूत इच्छाशक्ति, दृढ़ संकल्प और दूरदृष्टि हो तो कोई भी सपना साकार हो सकता है। इसी के सहारे उत्तराखंड की बेटी ने वह सब कर दिखाया, जिसका उन्होंने सपना देखा था। आईएएस की परीक्षा में वंदना पोखरियाल ने 83वीं रैंक हासिल की और प्रदेश में दूसरा स्थान मिला।
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मूलरूप से ग्राम सिसई ब्लाक बीरोखाल पौड़ी गढ़वाल निवासी वंदना पोखरियाल वर्तमान में गुजरात पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। शुक्रवार को वंदना के रामनगर पहुंचने पर व्यापारियों ने उनका स्वागत किया। वंदना ने कहा कि बचपन में उन्होंने बचपन में जो सपना देखा था वह आज पूरा हो गया। उन्होंने 10वीं की परीक्षा आर्मी स्कूल जम्मू, 12वीं आर्मी स्कूल रानीखेत, बीएससी (बायो कैमेस्ट्री) भोपाल सरोजनी नायडू कालेज से की।
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फरवरी-2012 में वह गुजरात में पुलिस इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हुईं। आगे बढ़ने की तमन्ना और सपना पूरा करने की जिद ने उन्हें दिन में ड्यूटी करने और रात भर पढ़ने का हौसला दिया। वंदना का कहना है कि आईएएस बनने के लिए दिल्ली, देहरादून में रहना ही जरूरी नहीं, बल्कि जज्बा हो तो पहाड़ के युवा भी मुकाम हासिल कर सकते हैं। वंदना के पिता चंद्रशशि पोखरियाल भारतीय रेलवे में हैं। भाई मितेश्वर आनंद आयकर विभाग रामनगर में सेल टेक्स अधिकारी और माता मंजू पोखरियाल गृहणी हैं। स्वागत समारोह में अतुल मेहरोत्रा आदि भी मौजूद थे।
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