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Nainital News: आदेश का अनुपालन करने के लिए प्रमुख वन सचिव और मुख्य वन संरक्षक को दिया 30 दिन का समय
Thu, 08 Oct 2026 02:23 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:23 AM IST
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प्रतीकात्मक
नैनीताल। हाईकोर्ट स्टांप ड्यूटी से जुड़े एक मामले में वर्ष 2015 में पारित आदेश का अब तक पालन नहीं किए जाने के मामले में प्रमुख वन सचिव और मुख्य वन संरक्षक को आदेश का पालन करने के लिए 30 दिन का समय दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 नवंबर की तिथि नियत की है।
हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि बिक्री प्रमाणपत्र पर राज्य सरकार केवल दो फीसदी स्टांप ड्यूटी वसूल कर सकती है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पूर्व में हाईकोर्ट को बताया गया था कि उन्होंने याचिका और एसएलपी के लंबित रहने के दौरान आठ फीसदी की दर से स्टांप ड्यूटी जमा की थी लेकिन यह भुगतान अंतिम निर्णय के अधीन था जिसमें स्टांप ड्यूटी की वसूली को सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के अंतिम निर्णय के अधीन रखा गया था। पूर्व में कोर्ट ने कहा था कि जब सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम रूप से केवल दो फीसदी स्टांप ड्यूटी वसूल किए जाने की बात स्पष्ट कर दी है तो याचिकाकर्ता दो फीसदी से अधिक जमा की गई राशि वापस पाने के हकदार हैं।
हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दो फीसदी से अधिक वसूली गई स्टांप ड्यूटी की राशि आठ सप्ताह के भीतर वापस करें। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किए जाने पर याचिकाकर्ताओं को आज की तारीख से वास्तविक भुगतान तक 10 फीसदी वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
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हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि बिक्री प्रमाणपत्र पर राज्य सरकार केवल दो फीसदी स्टांप ड्यूटी वसूल कर सकती है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पूर्व में हाईकोर्ट को बताया गया था कि उन्होंने याचिका और एसएलपी के लंबित रहने के दौरान आठ फीसदी की दर से स्टांप ड्यूटी जमा की थी लेकिन यह भुगतान अंतिम निर्णय के अधीन था जिसमें स्टांप ड्यूटी की वसूली को सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के अंतिम निर्णय के अधीन रखा गया था। पूर्व में कोर्ट ने कहा था कि जब सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम रूप से केवल दो फीसदी स्टांप ड्यूटी वसूल किए जाने की बात स्पष्ट कर दी है तो याचिकाकर्ता दो फीसदी से अधिक जमा की गई राशि वापस पाने के हकदार हैं।
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हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दो फीसदी से अधिक वसूली गई स्टांप ड्यूटी की राशि आठ सप्ताह के भीतर वापस करें। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किए जाने पर याचिकाकर्ताओं को आज की तारीख से वास्तविक भुगतान तक 10 फीसदी वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
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