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मंगलवार को होली ग्राउंड में हुआ पूजन
ब्यूरो/ हल्द्वानी
Updated Wed, 23 Mar 2016 01:04 AM IST
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महिलाओं की होली
- फोटो : अमर उजाला
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होलिका दहन में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। बगैर मुहूर्त के होलिका दहन नहीं किया जाता है। कुमाऊं में होलिका दहन पूरे वैदिक विधि विधान से किया जाता है। इस बार कल 23 मार्च की सुबह पांच बजे से वैदिक रीति रिवाज के साथ होलिका दहन किया गया।
इससे पूर्व मंगलवार को शहर के होली ग्राउंड और पटेल चौक में बनाई गई होलिका का पूजन करने के लिए सैकड़ों की संख्या में महिलाएं आईं। ज्योतिषियों के मुताबिक होलिका पूजन का शुभ मुहूर्त सायं चार बजे से शुरू हुआ। शहर के पटेल चौक, होली ग्राउंड के अलावा विभिन्न कालोनियों और मोहल्लों में होलिका दहन के बाद प्रसाद ग्रहण कराया गया।
ज्योतिषी डा. गोपाल दत्त त्रिपाठी ने बताया कि धर्मशास्त्रों में प्रतिपदा, चतुर्दशी और भद्रा में होलिका दहन का निषेध बताया गया है। हर वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होता है। पुरोहित पूजा संपन्न कराने के बाद होलिका दहन की अनुमति देते हैं। होली का महंत और गांव या स्थान के सयाने लोग होलिका दहन कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं। इस बार बुधवार को पूरे दिन पूर्णिमा होने और 24 मार्च को प्रतिपदा तिथि होने से रंग की होली गुरुवार को खेली जाएगी।
इससे पूर्व मंगलवार को शहर के होली ग्राउंड और पटेल चौक में बनाई गई होलिका का पूजन करने के लिए सैकड़ों की संख्या में महिलाएं आईं। ज्योतिषियों के मुताबिक होलिका पूजन का शुभ मुहूर्त सायं चार बजे से शुरू हुआ। शहर के पटेल चौक, होली ग्राउंड के अलावा विभिन्न कालोनियों और मोहल्लों में होलिका दहन के बाद प्रसाद ग्रहण कराया गया।
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ज्योतिषी डा. गोपाल दत्त त्रिपाठी ने बताया कि धर्मशास्त्रों में प्रतिपदा, चतुर्दशी और भद्रा में होलिका दहन का निषेध बताया गया है। हर वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होता है। पुरोहित पूजा संपन्न कराने के बाद होलिका दहन की अनुमति देते हैं। होली का महंत और गांव या स्थान के सयाने लोग होलिका दहन कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं। इस बार बुधवार को पूरे दिन पूर्णिमा होने और 24 मार्च को प्रतिपदा तिथि होने से रंग की होली गुरुवार को खेली जाएगी।
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