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सचिव शहरी विकास समेत अन्य को 19 को कोर्ट में पेश होने के निर्देश, देहरादून में अतिक्रमण नहीं हटाने पर हाईकोर्ट सख्त
Wed, 04 Nov 2020 10:14 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 10:14 AM IST
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- फोटो : File Photo
नैनीताल हाईकोर्ट ने देहरादून में अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद नगर निगम, जिलाधिकारी, कैंट बोर्ड, एमडीडीए के उच्च अधिकारियों सहित सचिव शहरी विकास को 19 नवंबर को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं।
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कोर्ट ने कहा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए। पूर्व में कोर्ट ने एसएसपी को निर्देश दिए थे कि वे याचिकाकर्ता को सुरक्षा मुहैय्या कराएं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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मामले के अनुसार देहरादून निवासी आकाश यादव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि 2018 में हाईकोर्ट ने मनमोहन लखेड़ा की जनहित याचिका पर आदेश दिया था कि देहरादून से सड़कों, गलियों, नालियों व रिस्पना नदी से अतिक्रमण हटाकर उसे पुराने स्वरूप में लाया जाए।
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जिसके बाद प्रशासन ने घंटाघर सहित कई स्थानों से अतिक्रमण हटाया लेकिन प्रशासन की लापरवाही के चलते लोगों ने कई स्थानों पर फिर से अतिक्रमण कर लिया। अतिक्रमण के चलते सड़क, नालियां, गलियों सहित कई मार्ग संकरे होने से आम लोगों के चलने तक का रास्ता नहीं बचा है। याचिकाकर्ता की ओर से देहरादून से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी।